पंजाब सरकार ने एक आदेश जारी कर सरकारी अध्यापकों पर पत्रकारिता करने की पाबन्दी लगा दी है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल सेकंडरी एजुकेशन और शिक्षा मंत्री सिकन्दर सिंह मलूका ने बयान जारी किया है। एक अनुमान के अनुसार पंजाब भर में दो से तीन हजार सरकारी अध्यापक पार्ट-टाइम पत्रकारिता कर रहे हैं।
पत्रकारिता से जुड़े करीब सभी अध्यापक यह सब अपने संबंधित शिक्षा अधिकारियों की लिखित अनुमति से कर रहे हैं। अधिकतर तो ऐसे हैं कि जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते दशकों बीत चुके हैं। अब सवाल यह उठता है कि विभाग ने जिन अध्यापकों को लिखित अनुमति दे रखी है, उनको किस नियम के तहत पत्रकारिता करने से रोक रहा है।





