Pankaj Jha : घिन आती है ऐसी पत्रकारिता पर. जितनी नफरत की जाय ऐसी लुच्ची पत्रकारिता से, कम है. कल भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री संगठन श्री संजय जोशी का रायपुर में एक कार्यक्रम था. स्टोरी लिखने वाले लोग भी बेहतर जानते हैं कि संजय जोशी जी छत्तीसगढ़ के एक-एक भाजपा कार्यकर्ता के दिल में बसते हैं. दायित्व में होने या नहीं होने से ऐसे शिल्पियों के सम्मान में कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन कल के कार्यक्रम को कवर ऐसे किया गया है मानो सबकी नज़र इसी बात पर लगी हो कि कौन जोशी जी से मिलता है कौन नहीं. गोया जोशी जी किसी अलग 'गुट' का प्रतिनिधित्व करते हों.
भाई मेरे …तुम्हें जितना लुच्चाई करना है करते रहो. चाह कर भी अपनी कुंठा यहां भाजपा पर नहीं थोप सकते. पार्टी एक है और रहेगी भी. जोशी जी का कल भी वही सम्मान था जो आज है और कल भी रहेगा. बस ऐसी-ऐसे कहानियां बना कर अपनी जात का परिचय देते हो और कुछ नहीं…देते रहो…डिस्गस्टिंग.
भाजपा से जुड़े पत्रकार पंकज झा के फेसबुक वॉल से साभार.





