प्रभात खबर ने अपने एचआर डिपार्टमेंट वालों को अब प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है. जबरन इस्तीफा दिलवाने के लिए पिछले महीने की सेलरी नहीं दी जाने की धमकी दी जा रही है. इससे सभी कर्मी तनाव में हैं. उधर प्रभात खबर में सिस्टम हेड ने सभी एचआर वालों के मेल की पूरी जानकारी निकालनी शुरू कर दी है. इससे उन्हें ये पता लगाने में सहूलियत होगी कि किसके मेल से इम्पार्टेंट जानकारी ट्रांसफर की गयी है.
खास कर पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर जैसे संस्करण रांची के निशाने पर हैं. इनमे से कई को झूठ का दिलासा देकर इस्तीफा ले लिया गया है. कुछ अड़े हैं. जमशेदपुर और धनबाद में कुछ सिस्टम के लोग भी इसमें एचआर वालों की मदद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी पता है आगे आने वाले दिनों में बापी (सिस्टम हेड) कम पैसों में आदमी जुगाड़ करने की फ़िराक में हैं, ताकि दस हजार से ऊपर वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाये.
उधर प्रबंधन ने तय कर लिया है कि झूठ बोलकर सबसे इस्तीफा लेना है, ताकि कानूनी पचड़े में ना पड़ें, लेकिन धनबाद, गया, पटना वाले ज्यादा चालाक निकले, बस फ़ाइनल केस की तैयारी में हैं, सिर्फ बड़े कदम का इंतज़ार है. कानाफूसी में ये बात भी सामने आ रही है कि एचआर वालों ने तक़रीबन सात हजार कागजात प्रबंधन के खिलाफ जमा कर लिया है, और बेली रोड वाले एक जाने माने वकील की मदद से केस को लिस्टिंग करने को तैयार हैं.
प्रभात खबर के एक कर्मी द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित.
इस पूरे प्रकरण पर अगर प्रभात खबर प्रबंधन अपनी बात, अपना पक्ष रखना चाहता है तो वे [email protected] के जरिए अपनी बात भड़ास तक पहुंचा सकते हैं.





