अजय बोकिल और पंकज शुक्ला ने नवदुनिया (नईदुनिया का भोपाल संस्करण) छोड़कर करीब ३ सप्ताह पहले 'प्रदेश टुडे' ज्वाइन कर लिया है. उमेश त्रिवेदी के 'प्रदेश टुडे' में एडिटोरिअल डायरेक्टर बनने के बाद इन दोनों पत्रकारों का 'प्रदेश टुडे' ज्वाइन करना एक बड़ी खबर माना जा रहा है. अभी तक 'प्रदेश टुडे' को गंभीर अखबार नहीं माना जाता था, पर बदले हालात और कुछ बड़े नामों के जुड़ने से 'प्रदेश टुडे' चर्चा में आ रहा है. अजय बोकिल और पंकज शुक्ला इसी श्रंखला की कड़ी हैं.
इस कड़ी का पहला नाम है उमेश त्रिवेदी जिन्हें मध्यप्रदेश की हिंदी पत्रकारिता में एक स्थापित नाम माना जाता है. ३८ साल तक 'नईदुनिया' में रहे श्री त्रिवेदी ने राजधानी भोपाल की राजनीतिक पत्रकारिता को काफी करीब से देखा है और 'नईदुनिया' की विकास यात्रा में उन्हें मील का पत्थर माना जाता है. उमेश त्रिवेदी 'नईदुनिया' से ग्रुप एडिटर पद से २०११ में रिटायर हुए थे. प्रबंधन के अनुरोध पर उन्होंने एक साल और 'नईदुनिया' को अपनी सेवा दी. लेकिन, नईदुनिया की कमान जागरण प्रबंधन के हाथ में आने की खबरों के बीच उन्होंने नईदुनिया छोड़ दी थी.
श्री त्रिवेदी के 'प्रदेश टुडे' से जुड़ने से इस अखबार की साख बढ़ी है. भोपाल के बाद जबलपुर से भी 'प्रदेश टुडे' का प्रकाशन शुरू हुआ है. इसके अलावा कटनी, शहडोल, सतना, रीवा और छिंदवाडा से आंचलिक संस्करणों का प्रकाशन शुरू हुआ है. जल्द ही इसका ग्वालियर और रायपुर संस्करण निकाले जाने की तैयारी है. 'प्रदेश टुडे' ने अपना दायरा इंदौर तक बढ़ाने की योजना बनाई है. खबर ये भी है कि उमेश त्रिवेदी, अजय बोकिल और पंकज शुक्ला के बाद कुछ और बड़े पत्रकार 'प्रदेश टुडे' से जुड़ने के मूड में हैं.





