: रोज-रोज अपने पुजारी के इशारे पर पुलिस को फोन करके करवाता है उत्पीड़न : पत्रकार संतोष ने की सीएम और पीएम से गुहार, उत्पीड़नन रूका तो आत्मदाह को तैयार : सेवा में, श्रीमान सम्पादक महोदय, भड़ास, नई दिल्ली। महोदय, मुझे अपने बयान में यह बताना है कि 16 मई 2006 में मुझे थाना प्रभारी असन्द्रा ने एक हीरोहाण्डा एक अनुबन्ध पत्र के बाद सुपुर्दगी में दी थी, जिसको उन्होंने वाहन मालिक का पता चल जाने के बाद 27 मई की सुबह ले ली थी। इसके गवाह के रूप में सपा के पूर्व सांसद राम सागर रावत और वहां के कुछ स्थानीय लोग थे। थाना प्रभारी ने इस गाड़ी के वापसी का तसकरा भी दर्ज कर दिया। वह गाड़ी राम सुमिरन यादव पुत्र उत्तरी निवासी ग्राम अहिरनपुरवा थाना असन्द्रा की थी, जिसका साक्ष्य थाने में जमा है।
महोदय मुझे तीन माह बाद सितम्बर माह में जहांगीराबाद थाने पर एक पुरानी हीरोहाण्डा को थाना प्रभारी ने अनुबन्ध पत्र के बाद दी थी। उक्त गाड़ी यह कहकर दी गयी थी कि जब पुलिस द्वारा या कोर्ट द्वारा गाड़ी मांगी जायेगी तो हाजिर करनी पड़ेगी। 13 नवम्बर 2007 को मेरी यह गाड़ी तहसील हैदरगढ़ परिसर से चोरी हो गयी। मैंने इसकी नामजद तहरीर कोतवाली हैदरगढ़ में दी लेकिन कोतवाली प्रभारी ने मेरा मुकदमा नहीं दर्ज किया क्योंकि मैंने जिस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की थी वह बसपा का नेता था। उसका बड़ा लड़का हरदोई के तत्कालीन राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल के यहां मंदिर पर काम करता था। उनके कहने पर और स्थानीय नेताओं के दबाव के कारण मेरा मुकदमा नहीं लिखा गया। कई समाचार पत्रों में मोटर साइकिल चोरी की खबर भी छापी गयी। आखिरकार 19 नवम्बर 2007 को कोतवाली प्रभारी ने मुझे थाने में बुलाकर यह कहा कि तुम्हारा मुकदमा लिख लूंगा लेकिन जो मैं लिखवा रहा हूं उस तरह से लिखकर दो। उन्होंने उसी समय मुझे बोलकर तहरीर खिलवायी और एक कापी दफ्तर में जमा कर ली और दूसरी कापी मुझे मोहर एवं हस्ताक्षर युक्त दे दी। यह कहा कि अभी दबाव ज्यादा है, तुम्हारा मुकदमा बाद में लिख लूंगा, वैसे मैं तुम्हारी गाड़ी तलाश रहा हूं।
महोदय चूंकि मेरी रंजिश दीनानाथ मिश्रा पुत्र केदारनाथ निवासी ग्राम-शेषपुर जाहिद अली थाना असन्द्रा से चल रही है। इसी रंजिश के तहत उन्होंने एक माह पूर्व पुलिस अधीक्षक को गाड़ी के मामले में झूठी बातें लिख करके शिकायत की थी। जिस पर क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट सहित अन्य अधिकारियों ने भी जांच की थी और उनकी शिकायत को झूठा पाया। महोदय यह सारा खेल मुझे बदनाम करने की खातिर और फर्जी मुकदमे में फसाने के लिए हरदोई के राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल और उनके लड़के जो वर्तमान में सपा के विधायक हैं, नितिन अग्रवाल के इशारे पर किया जा रहा है। वह लोग पुलिस अधीक्षक पर दबाव डाल करके यह सारा षडयन्त्र रच रहे हैं। मैं बेगुनाह हूं मेरा कोई कसूर नहीं है, यह सारा खेल दीनानाथ के बड़े लड़के मैथिलीशरण मिश्रा जो वहां पर उनके मंदिर में रहते है, उन्हीं के इशारे पर किया जा रहा है। कृपया यह मेरी सारी बात भी लिखी जाये और मुझे न्याय दिलवाया जाये।
प्रार्थी
सन्तोष कुमार शुक्ला
ब्यूरो चीफ
‘तरूण मित्र’ हिन्दी दैनिक
बाराबंकी
पता-ग्राम रनापुर, कोतवाली हैदरगढ,
तहसील हैदरगढ़, बाराबंकी
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