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अरिंदम चौधरी ने सवा सौ मीडियाकर्मियों को सड़क पर ला पटका

आईआईपीएम फेम अरिंदम चौधरी ने करीब सवा सौ मीडियाकर्मियों को बेरोजगार कर दिया है. जो बचे हैं, वे लगभग भुखमरी के शिकार हैं. इस ग्रुप की मीडिया कंपनी प्लानमैन मीडिया नाम से जानी जाती है. इस कंपनी के कई डिपार्टमेंट्स को बंद कर दिया गया है. द संडे इंडियन नाम से निकलने वाली मैग्जीन के 13 क्षेत्रीय भाषाओं के संस्करण बंद किए जा चुके हैं. सिर्फ अंग्रेजी, तमिल, भोजपुरी और हिंदी के एडिशन निकल रहे हैं.

आईआईपीएम फेम अरिंदम चौधरी ने करीब सवा सौ मीडियाकर्मियों को बेरोजगार कर दिया है. जो बचे हैं, वे लगभग भुखमरी के शिकार हैं. इस ग्रुप की मीडिया कंपनी प्लानमैन मीडिया नाम से जानी जाती है. इस कंपनी के कई डिपार्टमेंट्स को बंद कर दिया गया है. द संडे इंडियन नाम से निकलने वाली मैग्जीन के 13 क्षेत्रीय भाषाओं के संस्करण बंद किए जा चुके हैं. सिर्फ अंग्रेजी, तमिल, भोजपुरी और हिंदी के एडिशन निकल रहे हैं.

तेरह भाषाओं के एडिशन बंद किए जाने, अन्य एडिशनों में छंटनी, कई डिपार्टमेंट बंद करने से बहुत सारे लोग बेरोजगार हुए हैं. स्पोर्ट्स वाच, फिल्म वाच, मीडिया वाच जैसी कई वाच टाइप मैग्जीनें भी यह ग्रुप प्रकाशित करता था. इन्हें भी बंद कर दिया गया है. इनके लोग भी सड़क पर आ चुके हैं. सूत्रों का कहना है कि कुल मिलाकर करीब सवा सौ लोगों की नौकरी जा चुकी है.

चुपके से हुई इस बड़ी छंटनी के खिलाफ कहीं कोई आवाज नहीं है. कलम के सिपाही कहे जाने वाले जिन लोगों को हटाया गया है, वे भी चुपचाप हट गए हैं, बिना किसी हो-हल्ला के. जो लोग वहां बने हुए हैं, उन्हें पांच से लेकर छह महीने तक की सेलरी नहीं मिली है. इसके कारण इनकी हालत किंगफिशर के कर्मचारियों जैसी हो गई है. कई लोगों के यहां तो हालात भुखमरी के हैं. सुतनू गुरु और उनके खास अनिल पांडेय पूरे ठसक के साथ कंपनी में बने हुए हैं क्योंकि ये लोग प्रबंधन के पार्ट हैं और बंदी-छंटनी के सारे फैसले ये लोग ही लागू कराते हैं.

सूत्रों के मुताबिक अरिंदम चौधरी का मूल धंधा, जो आईआईपीएम वाला है, आजकल बुरे दौर से चल रहा है. इसके दर्जन भर से ज्यादा सेंटर में कुल कुछ सौ एडमिशन ही हो पाए हैं. कभी इन सेंटरों में सब मिलाकर दसियों हजार छात्र पढ़ते थे, फ्री लैपटाप और अमेरिका घूमने के आफर के नाम पर. पर यूजीसी की सख्त हिदायत व आईआईपीएम के पास रिकगनिशन न होने के कारण छात्रों ने इस संस्थान से मुंह फेर लिया है. नए बच्चे आईआईपीएम में कम आ रहे हैं. इस कारण अचानक धंधा मंदा हो गया. इसकी गाज अरिंदम चौधरी ने मीडिया कंपनी के प्रोजेक्टस पर गिरा दी. जिन कुछ खास लोगों को प्लानमैन मीडिया से हटाया गया है उनमें ओंकारेश्वर पांडेय और विजय सोनी भी हैं. अन्य कई नामों के बारे में पता नहीं चल पाया है.

उपरोक्त खबर प्लानमैन मीडिया में कार्यरत कुछ कर्मियों द्वारा दी गई जानकारी व भेजी गई मेल पर आधारित हैं. संभव है कुछ तथ्य अधूरे व गलत हों, इसलिए आईआईपीएम और प्लानमैन मीडिया के प्रबंधकों से अनुरोध है कि वे अपना पक्ष नीचे कमेंट बाक्स में डाल दें या [email protected] पर मेल कर दें ताकि उसे भी प्रकाशित कराया जा सके.

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