लखनऊ। समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह की चौतरफा दबाव के बाद छुट्टी कर दी गई है। सीएमओ को घर से उठाने और धमकाने के आरोपों से घिरे विनोद सिंह पर फैसला करने में सरकार को तीन दिन का वक्त लग गया। राज्य सरकार के आदेश पर विनोद सिंह से इस्तीफा मांग लिया गया है। लेकिन इन तीन दिनों में पार्टी और सरकार को किरकिरी का भी सामना करना पड़ा।
तीन दिन से लापता गोंडा जिले के सीएमओ एसपी सिंह केस की जांच कमेटी आज अपनी रिपोर्ट देगी। मामला मीडिया में मामला उछलने के बाद यूपी सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। सूबे के अतिरिक्त स्वास्थ्य निदेशक की अगुआई में दो सदस्यों की जांच कमेटी बना दी गई। आरोप है कि विनोद सिंह ने कॉन्ट्रैक्ट पर डॉक्टरों की भर्ती को लेकर सीएमओ को अगवा किया उसके साथ मारपीट की। इसके बाद से सीएमओ लापता हैं।
मंत्री विनोद सिंह ने राज्यपाल सिंह को राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया है। लेकिन वह अब भी पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। विनोद सिंह का कहना है कि पूरे मामले को एकतरफा पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा नैतिक आधार पर दिया है। सिंह अब खुद को बेगुनाह ही बता रहे हैं और साथ ही सीएमओ के रोल की जांच की मांग भी कर रहे हैं। दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने भी इसस मामले पर रिपोर्ट सीएम अखिलेश यादव को दी है जिसमें पीड़ित सीएमओ के परिवार का बयान भी शामिल है। उत्तर प्रदेश में रात के अंधेरे में सीएमओ को अगवा करने के संगीन इल्जाम से घिरे राजस्व मंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह मुलायम सिंह यादव के खासे करीबी हैं। शायद इसीलिए कार्रवाई में देर लग गई।





