लखनऊ : करीब नौ महीना पहले उत्तर प्रदेश की खबरों को फ्लैश करने के दावों के साथ शुरू हुआ न्यूज चैनल यूपी न्यूज की अन्त्येष्टि हो ही गयी। वैसे इस चैनल को तब ही बंद समझा जाने लगा, जब यहां के ब्यूरो प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया गया था, लेकिन दो दिन पहले इसके दफ्तर को बंद करने की कवायद और उसके साथ हुए विवाद के बाद अब आखिरकार अंतत: उसका तियां-पांचा हो गया है। बताते हैं कि यह चैनल हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री रहे गोपाल कांडा का है जो दिल्ली जेल में गीतिका शर्मा की आत्महत्या के मामले में बंद हैं।
जानकार बताते हैं कि इस चैनल को बंद करने के बाद से ही अब इसके यहां के दफ्तर पर रखे कीमती सामान पर कब्जा की साजिशें शुरू हो गयी हैं। दो दिन पहले इस बारे में शुरू की गयीं कोशिशें तब सतह पर आ गयीं जब वहां रखे सामान को वापस करने की कोशिशें फेल हो गयीं। बताते चलें कि इस सामान को वापस मुख्यालय लाने के लिए दिल्ली से आयी मुख्यालय टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
एक सूत्र का कहना है कि चैनल के लखनऊ में रखे सामान को वापस दिल्ली पहुंचाने के लिए तीन अधिकारियों की टीम लखनऊ पहुंची थी। इसके लिए लखनऊ में मौजूद दफ्तर के कर्मचारी वगैरह समेत चैनल के यूपी प्रमुख को खबर कर दी गयी थी कि वे दफ्तर का सामान दिल्ली तक पहुंचाने के लिए मौजूद रहें। लेकिन ऐसा हो नहीं। टीम लखनऊ के गोमतीनगर स्थित यूपी न्यूज के दफ्तर पर जब पहुंची तो दरवाजा पर ताला बंद था। टीम ने लखनऊ ब्यूरो के लोगों से फोन पर सम्पर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। लेकिन एक स्टाफ ने टीम को बता दिया कि दफ्तर के भीतर कई लोग मौजूद हैं, लेकिन बाहर ताला लगा हुआ है।
इस स्टाफ ने सुराग दिया कि मुख्य दरवाजे के अलावा और भी एक पिछला दरवाजा है। इस पर टीम के लोग पिछले दरवाजे से भीतर गये तो वहां मौजूद लोग भौचक्के रह गये। लेकिन अचानक ही वहां मौजूद लोगों ने टीम के लोगों पर असलहा तान दिया और कहा कि हम लोग इसलिए अंदर मौजूद हैं ताकि हमारा लाखों रूपयों का बकाया वसूल हो जाए। इन लोगों ने टीम को धमकी भी दी कि जब तक हमारा बकाया नहीं दिया जाएगा, किसी को भी भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बताते हैं इसके बाद टीम के लोग उल्टे पांव दिल्ली भाग गये। सूत्रों के अनुसार इस दफ्तर में तीन कैमरों के अलावा पीसीआर समेत भारी-भरकम सामान रखा हुआ है।
लखनऊ से कुमार सौवीर की रिपोर्ट.





