उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सूचना है कि रविवार की शाम आरपीएफ के दरोगा व सिपाहियों ने दैनिक जागरण के तीन पत्रकारों को बन्धक बना लिया। उनके मोबाइल, कैमरे, अंगूठी, रुपये, चैन आदि छीन लिये। उनकी पिटाई कर उन्हें थाने के हवालात में डाल दिया। खबर फैलते ही दर्जनों पत्रकार आरपीएफ थाना पहुंच गये। उन्होंने घटना के विरोध में नारेबाजी करते हुये धरना प्रदर्शन किया। बताया जाता है कि पत्रकार तार चोरी की घटना का कवरेज करने आरपीएफ थाना गये थे।
आरपीएफ ने एक चोर को पकड़ा और उसके कब्जे से भारी मात्रा में रेलवे तार बरामद किया। इस सूचना पर पत्रकार शैलेष गौतम आरपीएफ थाना पहुँच गये। पत्रकार ने बरामद तार की फोटो खीच ली और चोर का बयान लेने लगे। यह देख आरपीएफ के सिपाही आक्रोशित हो गये। उन्होंने पत्रकार से कैमरा छीन लिया। विरोध करने पर सिपाहियों ने उसको थप्पड़ जड़ दिये। शैलेष ने इसकी सूचना अपने सहयोगी रवीन्द्र दिवाकर को दी। रवीन्द्र दिवाकर साथी पत्रकार रविशकर सेन के साथ आरपीएफ थाने पहुँच गये। दोनों पत्रकारों ने शैलेष के साथ किये गये दुर्व्यवहार व अभद्रता का उलाहना देते हुये कैमरा वापस देने को कहा। इस पर सिपाही व मौके पर मौजूद दरोगा ने तीनों पत्रकारों के कैमरे, मोबाइल, सोने की अंगूठी, चैन व रुपये छीन लिये और मारपीट कर दी और हवालात में बन्द कर दिया।
जानकारी मिलने पर प्रेस क्लब अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकार आरपीएफ थाने पहुँच गये। पत्रकारों ने घटना का कड़ा विरोध जताते हुये थाना घेर लिया और आरपीएफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, घटना की खबर मिलने पर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक खलीक अहमद सिद्दीकी, सदर चौकी प्रभारी सुभाष चन्द्र यादव दलबल सहित मौके पर पहुँच गये। सूचना पर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में नायब तहसीलदार अवधेश निगम मौके पर पहुँच गये। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हवालात में बन्द तीनों पत्रकारों को बाहर निकाला गया।
घटना के विरोध स्वरूप प्रेस क्लब अध्यक्ष की अगुवाई में सभी पत्रकार आरपीएफ थाने में ही धरने पर बैठ गये। घटना की जानकारी मिलने पर सांसद प्रतिनिधि जसपाल सिंह बण्टी, सपा नेता कैलाश यादव, राजेश यादव, पप्पू राजा आलापुर, अशोक रावत, जयपाल सिंह ऐरा, आदि मौके पर पहुँच गये। सपा नेताओ ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुये कड़ी निन्दा की। कुछ देर बाद आरपीएफ के निरीक्षक डी.के.मिश्रा आदि भी पहुँच गये। सभी से घटना की जानकारी ली। पत्रकारों ने उनसे दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की माँग की।
इस मौके पर प्रेस क्लब अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, संजय अवस्थी, नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, राजेन्द्र रजक, हरवीर सिंह अरोरा, राजेश देवलिया, सुशील चौबे, राकेश शुक्ला, अमित सोनी, दीपक सोनी, विजय जैन कल्लू, अमित मोनू जैन, रवि चुनगी, विनीत चतुर्वेदी, अबरार खान, अक्षय दिवाकर, घनश्याम सेन, शैलेष जैन पिंटू, अशोक गोस्वामी, अमित पाण्डेय, रिजवान उज्जामा, दिनेश गोस्वामी, बृजेश पंथ, अजय बरया, अश्वनी पुरोहित, पवन संज्ञा, सम्भव सिंघई, शैलेन्द्र जैन, नसीम खान, कुन्दन पाल, रेशू श्रीवास्तव, नरेन्द्र विश्वकर्मा, देवेन्द्र चंदेल आदि दर्जनों पत्रकार, समाजसेवी, नेता आदि पहुंच गये थे।
इस घटना को लेकर पत्रकारों में कड़ा आक्रोश है। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुयी तो पत्रकार चरणबद्ध आन्दोलन करेगे। इसके बाद सभी पत्रकार आरपीएफ के खिलाफ नारेबाजी करते हुये जुलूस के रूप में कोतवाली पहुँचे। जहाँ उन्होंने कार्यवाही की माग को लेकर पुलिस को तहरीर सौंप दी।
तीन पत्रकारों को आरपीएफ थाने में बन्धक बनाकर पीटने व लूटपाट की इस घटना से पत्रकार जगत में रोष फैल गया। इस घटना के विरोध में आज सोमवार को प्रेस क्लब की आपातकालीन बैठक दोपहर 1 बजे अमर शहीद गणेश शकर विद्यार्थी पत्रकार भवन में बुलायी गयी है। इस बैठक में इस घटना के विरोध स्वरूप रणनीति तय की जायेगी। यह जानकारी प्रेस क्लब के महामन्त्री रवि जैन चुनगी ने दी।





