तहसीन मुनव्वर शायर हैं. स्तंभकार भी हैं. कुछ दिनों पहले तक रेल मंत्रालय में कार्यरत रहे. उनका कालम कई अखबारों मैग्जीनों में छपता है. इसी में से एक है लोकस्वामी. इस मैग्जीन में ''देख तमाशा'' नामक अपने कालम में उन्होंने अबकी पत्रकार शम्स ताहिर खान के बारे में लिखा है. उनका यह कालम पढ़कर और शम्स का बड़ा सा स्केच देखकर समझ में नहीं आया कि उन्होंने यह कालम पत्रकारों की शख्सियत पर लिखने के लिए शुरू किया है या खासतौर पर शम्स ताहिर खान को ओब्लाइज करने के लिए उन्होंने इस बार जबरन यह पीस लिख मारा है.
जो भी है, आप पढ़िए और फैसला कीजिए. नीचे है वो कालम… ठीक से पढ़ पाने के लिए नीचे प्रकाशित मैग्जीन के पेज पर क्लिक कर दें, तब नए विंडो में मैग्जीन का यह पन्ना खुल जाएगा…







