आगरा शहर का चर्चित बिल्डर समूह "पुष्पांजलि" एक नयी मुसीबत में फंसता दिखाई दे रहा है. सेंट्रल एक्साइज के असिस्टेंट कमिश्नर ने पुष्पांजलि समूह के निदेशक मयंक अग्रवाल व सीए मृदुल पाठक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है. इन पर सेंट्रल एक्साइज के दफ्तर में घुसकर कुछ जरूरी कागजात चुराने का आरोप है. पुलिस द्वारा फिलहाल केवल सीए के खिलाफ ही सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने व चोरी करने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है.
ज्ञात हो कि ये वही पुष्पांजलि समूह है जिसने कुछ माह पूर्व ही "पुष्प सवेरा" नामक दैनिक समाचार पत्र के द्वारा आगरा की मीडिया मंडी में कदम रखा है. कहा जाता है कि दरअसल "पुष्प सवेरा" शुरू करने का उद्देश्य ही यही था कि अगर समूह कभी कहीं मुसीबत में पड़ जाये तो इस समाचार पत्र के सहारे अधिकारियों व मंत्रियों पर दवाब बनाकर मामलों को आसानी से रफा-दफा करवाया जा सके, किन्तु इस बार ऐसा न हो सका.
असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज के तल्ख़ तेवरों के आगे न तो इनकी ही चली और न ही इनकी हिमायत करने वालों की. पुलिस द्वारा पहले तो मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया किन्तु असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज के तेवर देखकर उन्होंने सीए के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया. इधर सीए मृदुल पाठक का कहना है कि उसे बेवजह ही इस मामले में झूठा फँसाया जा रहा है. सीए मृदुल के समर्थन में शहर के अन्य चार्टेड अकाउन्टेंट भी आ खड़े हुये हैं.





