वकील और पत्रकार विनोद गंगवाल ने मुंबई से सूचना दी है कि नवी मुम्बई में चलने वाले चैनल एमएनटीवी का प्रसारण आज रोक दिया गया है. इस चैनल को अवैध बताते हुए विनोद गंगवाल ने कई जगहों पर शिकायत की थी. गंगवाल के मुताबिक दो दिन पहले डेन नेटवर्क लिमिटेड व सहयोगी कंपनियों के संचालको को कोर्ट में जमानत के लिये आना पड़ा था. आज डेन कम्पनी के संचालकों ने खुद पुलिस आयुक्त को पत्र लिख कर यह बताया कि नवी मुम्बई में चलने वाला एनएमटीवी अवैध है एवं इस चैनल को रवि सुबईया फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर चला रहे हैं.
इस संबंध में भूपेष गुप्ता ने भी एक शिकायत नवी मुम्बई की क्राईम ब्रांच में की है. गंगवाल का कहना है कि डेन कम्पनी ने एनएमटीवी को बंद कर दिया है, मगर अभी तक पुलिस नवी मुम्बई के एक बडे नेता के दबाव के कारण कार्यवाही करने से कतरा रही है. यही कारण है कि रवि सुबईया एवं जेबा वारसिया की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. नवी मुम्बई पुलिस को तीन तीन बार कोर्ट के आदेश के बावजूद भी कार्यवाही नही कर रही है.
डेन कम्पनी के एक संचालक शैलेन्द्र सिंह ने गंगवाल को एक पत्र दिया जो कि नवी मुम्बई पुलिस आयुक्त को भी दिया गया है, जिसमें उन्होने कहा है कि एनएमटीवी नवी मुम्बई में फ़र्ज़ी क़ागज़ात के आधार पर चल रहा था, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी हालत में वो इस प्रकार के अवैध चैनल को चालू नहीं करेंगे. गंगवाल का कहना है कि चैनल के मालिक रवि सुबईया एवं जेबा वारसिया पर आरोप है कि इन्होंने अपना प्रेस एक्रेडिटेशन कार्ड भी फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर हासिल किया था, जिसकी जांच के आदेश विरोधी पक्ष नेता श्री एकनाथ राव खडसे ने दिये हैं.
डेन नोटिस कापी ये है…

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