: कानाफूसी : चर्चा बहुत तेज है कि दिल्ली में जागरण वाले फिर से नई दुनिया बसाएंगे. जानकारों का कहना है कि आलोक मेहता दिल्ली के मार्केट का नई दुनिया के बहाने नेशनल दुनिया में इस्तेमाल कर रहे हैं. यह सबको पता होगा कि नई दुनिया को दिल्ली में लांच आलोक मेहता ने कराया. बाद में जब नई दुनिया के मालिकों ने अखबार को जागरण के हवाले कर दिया और दिल्ली एडिशन बंद कर दिया तो आलोक मेहता ने रातोंरात नेशनल दुनिया नाम से अखबार लांच कर दिया और मार्केट में फैला दिया कि नई दुनिया का बस नाम थोड़ा सा बदला है, बाकी सब वही है.
इस प्रकार वह नई दुनिया अखबार के रेवेन्यू के जरिए बनाए गए आधार पर नेशनल दुनिया को खड़ा करके मार्केट से रेवेन्यू ले रहे हैं. जागरण प्रबंधन इस बात से खासतौर पर खफा है कि जिस ब्रांड को उसने खरीद लिया है, उस ब्रांड के नाम का अघोषित तौर पर इस्तेमाल करके नेशनल दुनिया अखबार को फायदा पहुंचाया जा रहा है. इसी का तोड़ निकालने हेतु जागरण ने फिर से दिल्ली में नई दुनिया लांच करने का फैसला किया है. साथ ही नियुक्तियां भी शुरू कर दी हैं. जागरण बहुत ही रणनीतिक तरीके से अप्वायंटमेंट कर रहा है. नेशनल दुनिया में हेल्थ के बड़े पत्रकार हैं धनंजय. जागरण ने नई दुनिया के लिए हेल्थ बीट हेतु धनंजय नाम के एक अन्य पत्रकार को नियुक्त किया है जो अभी तक दैनिक भास्कर, दिल्ली में कार्यरत थे. हालांकि जागरण प्रबंधन अभी नई दुनिया अखबार दिल्ली से लांच किए जाने को लेकर चर्चाओं को कनफर्म या खारिज नहीं कर रहा है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जागरण प्रबंधन आलोक मेहता की दुकान का भट्ठा बैठाने के लिए नई दुनिया को दिल्ली में लांच करेगा और उसे आगे बढ़ाएगा ताकि नेशनल मार्केट में नई दुनिया का एक और एडिशन दिखाकर विज्ञापन भी लिया जा सके और नई दुनिया के नाम का इस्तेमाल करके खाने वालों को सबक भी सिखाया जा सके. इस बीच, नेशनल दुनिया से जुड़े लोग अब तेजी से इधर-उधर नौकरी खोज रहे हैं क्योंकि उन्हें भी अंदाजा हो गया है कि देर सबेर यह अखबार बैठ जाएगा. नेशनल दुनिया अखबार पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद इसमें निवेश कर रही कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं. इस कारण कई तरह की कटौतियां और छंटनी आदि का काम शुरू हो गया है. इससे कर्मियों में दहशत का माहौल है.





