नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के एनडीएमसी सेंटर में कृषि मंत्री शरद पवार को एक युवक ने चांटा जड़ दिया। ये चांटा पवार के सीधे गाल पर लगा। हमलावर युवक का नाम हरविंदर बताया जाता है। ये वही हरविंदर है जिसने पिछले दिनों पहले पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम को चांटा मारा था। हरविंदर पत्रकार बनकर कार्यक्रम में घुसा था। दिल्ली के जंतर मंतर के पास एनडीएमसी सेंटर में इफको का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में शरद पवार अतिथि थे। हरविंदर को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया और उन्हें संसद मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दोपहर करीब एक बजे जब पवार बाहर निकल रहे थे तो एक युवक उनके करीब आया और उसने पवार के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद युवक ने पवार से धक्का-मुक्की करने की कोशिश की, परन्तु पुलिस और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया। बताया जा रहा है कि युवक ने कृपाण से हमला करने की भी धमकी दी। हरविंदर नामक यह युवक महंगाई विरोधी नारे लगाता रहा तथा पकड़े जाने के वावजूद पवार के खिलाफ बोलता रहा।
पत्रकार बनकर पहुंचे युवक हरविंदर ने जब पवार से एफडीआई और कपास किसानों के मुद्दे पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इस बारे में बात करने के लिए ये जगह नहीं है, कपास का मामला टेक्सटाइल मिनिस्ट्री में आता है उनसे बात करें। इसी पर हरविंदर ने उनके गाल पर जोरदार तमाचा जड़ दिया। युवक चिल्ला रहा था यह सब चोर हैं, उसने अपना कृपाण भी निकाल लिया और धमकाया कि चीर दूंगा।
युवक ने जोरदार ढंग से कहा कि मैंने ही रोहिणी कोर्ट में सुखराम को भी मारा था। मैं सिख हूं, चप्पल नहीं मारूंगा। सिर्फ भाषण देते हो। भगत सिंह को भूल गए जिसने कुर्बानी दी। मारो-मारो मुझे खूब मारो। पागल हूं मैं, इनके पास घोटाले के अलावा कुछ नहीं है। मेरे पास कुछ और होता तो मार डालता….। मैं गलत नहीं हूं। घटना के बाद शरद पवार ने कहा कि इसे ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए। कांग्रेस ने इस हमले को विपक्षी दलों की साजिश बताई। प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि कल ही बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा था कि महंगाई के कारण देश में हिंसा फैल सकती है। अन्य दलों के नेताओं ने भी इस हमले की निंदा की है।
हालांकि इस घटना की निंदा की जानी चाहिए परन्तु जिस तरह से महंगाई एवं भ्रष्टाचार से आम आदमी आहत है और मंत्री, सांसद, नेता, जनप्रतिनिधि कानों में तेल डालकर और तमाम बहाने बनाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, उस स्थिति में आम आदमी बौखलाया हुआ है। जनता की समस्या सुलझाने की बजाय जनता के लिए ही समस्या बन चुके नेताओं ने अब भी अपना रवैया नहीं बदला तो संभव है कल और लोग भी इसी तरह अपना विरोध जताएं।





