: स्वामी के तीर और कांग्रेस की पीर : मौसम भी अपने आप में बहुत अजीब चीज हुआ करती है। वह जब आता है तो अपने साथ मस्ती भी लेकर आता है। सभी को मस्त कर देता है। पर, मौसम अपने साथ मार भी लेकर आता है। उसकी मार जिन पर पड़ती है, वे बेचारे पस्त हो जाते हैं। आजकल हमारे हिंदुस्तान में घोटालों का मौसम है। घोटाले भी लाखों और करोड़ों के छोटे मोटे नहीं। लाखों करोड़ रुपए के घोटालों का मौसम है।
इसी मौसम का मजा लेने के लिए सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर प्रकट हो गए हैं। यही वजह है कि वे फिर खबरों में हैं। इस बार पहले के मुकाबले ज्यादा जोरदार मामला लेकर आए हैं। साधे दस जनपथ पर वार। पहले तो अगल बगल में ही मारते थे। पर, इस बार तो… सोनिया और राहुल गांधी को ही लपेटे में ले लिया है। देश के भावी प्रधानमंत्री हैरान हैं।
स्वामी ने गुरूवार को कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यंग इंडियन कंपनी बनाई। आरोप लगाया कि इस कंपनी ने यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स के हेराल्ड हाउस को खरीदा। मुख्य बात यह है कि दोनों मां बेटों ने करीब सोलह सौ करोड़ की संपत्ति सिर्फ 50 लाख रुपये में खरीदी। यह भी कहा कि राहुल ने यंग इंडियन में अपनी हिस्सेदारी की बात छिपाई है। स्वामी यहीं नहीं रुके। बोले, हेराल्ड हाउस की दो मंजिलें किराये पर दी। जिनमें से पासपोर्ट ऑफिस से 30 लाख रुपये महीना किराया लेते हैं। किराये का 76 हिस्सा सोनिया और राहुल को मिलता है।
कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएटेड जर्नल्स को 90 करोड़ से ज्यादा कर्ज दिया। तथ्य खोजकर लाए कि इन्कम टैक्स एक्ट के तहत यह कर्ज गैर-कानूनी है। कोई भी राजनीतिक दल व्यावसायिक काम के लिए कर्ज नहीं दे सकता।
टूजी से लेकर कॉमनवेल्थ और कोयले से लेकर रॉबर्ट वाड्रा तक सारे ही मामलों में चुप रहनेवाले राजकुमार अब बोलने के लिए मजबूर हैं। उनके दफ्तर से कहा गया कि स्वामी को कोर्ट में घसीटेंगे। तो स्वामी बोले, राहुल गांधी अभी बच्चे हैं। थोड़े समझदार हो जाएंगे, तब वे उनके कहे पर टिप्पणी करेंगे।
सोशल मीडिया पर स्वामी ने राहुल गांधी को बुद्धू बताया। कहा कि इस बुद्धू को मानहानि के कानून को समझने की जरूरत है। एक टीवी चैनल पर स्वामी ने कहा कि चाहे राहुल गांधी मुझे कोई पत्र भेजेंगे, तो वे बिना पढ़े ही डस्टबिन में डाल देंगे। ऊपर से राहुल को सलाह भी दे डाली कि वह पहले बड़े हो जाएं। फिर कोर्ट में जाएं और मानहानि का केस दायर करें। वे उनसे कोर्ट में लड़ेंगे। राजनीति में बाकी लोग भी दूसरों के फटे में टांग घुसाते रहते हैं।
सो, अरुण जेटली बोले, कांग्रेस को अपनी अध्यक्षा और महासचिव पर लगे आरोपों के बारे में सफाई देनी चाहिए। तो, मनीष तिवारी बोले, बीजेपी पहले अपने अध्यक्ष के मामलों को संभाले। फिर इधर देखे। आरोपों के तीर शुरू हो गए हैं। हरीश रावत ने कहा स्वामी एक बिगडैल विद्वान हैं। कांग्रेस ऑक्टोपस है। बहुत सारे हाथ – पांव हैं। किसी को जकड़ना हो, तो दो मिनट लगते हैं। पर, घोटालों के इस मौसम का मजा लेते सुब्रमण्यम स्वामी का कांग्रेस कुछ बिगाड़ पाएगी, यह अपन तो नहीं मानते। आप क्या मानते हैं ?
लेखक निरंजन परिहार राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार हैं.





