पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर कर दी है। समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों के 24,000 करोड़ रुपये वापस लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संबंधित निर्देशों का पालन न करने के चलते यह याचिका दायर की गई है। अपनी याचिका में सेबी ने कहा है कि सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें 10 दिनों के भीतर निवेशकों के बारे में तमाम जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा गया था। सेबी ने अपनी याचिका में सहारा समूह पर सुप्रीम कोर्ट के 31 अगस्त के आदेश का उचित अनुपालन न करने का भी आरोप लगाया है।
सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) ने यह अवमानना याचिका शीर्ष अदालत की उस टिप्पणी के बाद दायर की जिसमें बाजार नियामक से कहा गया था कि वह न्यायिक निर्देशों पर अमल नहीं करने के मामले में कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करे। इस आदेश में सहारा समूह की दो कंपनियों को निर्देश दिया गया था कि वे तीन महीने के भीतर निवेशकों के करीब 24 हजार करोड़ रुपए 15 फीसदी सालाना ब्याज के साथ लौटाएं।
न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे.एस. खेहड़ की खंडपीठ ने 19 अक्तूबर को सेबी से कहा था कि 31 अगस्त के निर्णय से निष्कर्ष निकाल कर वह कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करे। न्यायालय ने इस मामले में सहारा की दो कंपनियों के खिलाफ सेबी की कार्रवाई पर निगाह रखने की जिम्मेदारी उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी.एन. अग्रवाल को सौंपी थी।





