Arvind Vidrohi : बाराबंकी की समाजवादी धरा पर ब्लैक लिस्टेड शराब कारोबारी की प्रतिमा का अनावरण करके समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने महात्मा गाँधी के मद्य निषेध कार्यक्रम और शराब बंदी आन्दोलन की अवधारणा पर आघात पहुंचाया है। शराब के कारोबारी को महिमा मंडित करके मुलायम सिंह यादव ने समाजवाद की अवधारणा का ही वध कर डाला। बकौल सपा मुखिया, शराब के कारोबार से सरकार को दूसरे नंबर का राजस्व प्राप्त होता है, इसलिए शराब व्यवसाई की प्रतिमा लगाई जा सकती है।
दलित समाज के महापुरुषों की प्रतिमाओ पर लगातार हो हल्ला मचाने वाले और मूर्ति लगाने को जनता के धन की बरबादी करार देने वाले सपा नेतृत्व को आखिर हो क्या गया है, यह मेरी समझ से परे है। आज के कार्यक्रम के आयोजकगण ने अभी विधानसभा चुनावों में सपा पार्टी के प्रत्याशियों का विरोध भी किया था और कांग्रेस के प्रत्याशियों की मदद की थी, ये बात अलग है कि बाराबंकी की सभी सीटों पर सपा ही जीती थी.
अरविंद विद्रोही के फेसबुक वॉल से साभार.





