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‘आपके चैनल से जुड़कर मेरा भविष्‍य ही अंधकारमय हो गया’

: अपने बकाये की मांग के लिए कुमार सौवीर ने चैनल प्रबंधन को लिखा पत्र : 15 दिन के भीतर भुगतान न करने पर कोर्ट जाने की दी चेतावनी : From: [email protected], Subject: फुल ऐंड फाइनल पेमेंट के संदर्भ में। कृपया इसे प्रबंधन तक पहुंचा दें…, To: [email protected], Cc: [email protected], [email protected], Date: Thursday, 24 November, 2011, 9:06 PM,

: अपने बकाये की मांग के लिए कुमार सौवीर ने चैनल प्रबंधन को लिखा पत्र : 15 दिन के भीतर भुगतान न करने पर कोर्ट जाने की दी चेतावनी : From: [email protected], Subject: फुल ऐंड फाइनल पेमेंट के संदर्भ में। कृपया इसे प्रबंधन तक पहुंचा दें…, To: [email protected], Cc: [email protected], [email protected], Date: Thursday, 24 November, 2011, 9:06 PM,

प्रतिष्‍ठा में

सम्‍पादक

एसटीवी, यूपी न्‍यूज

दिल्‍ली / हरियाणा

विषय:- बकायों का भुगतान कराने के सम्‍बन्‍ध में

महोदय

मैं पिछले तीस बरसों से सक्रिय पत्रकारिता में हूं और मेरी पहचान बेदाग पत्रकार के तौर पर है। आपके संस्‍थान में ब्‍यूरो प्रमुख बनने से पहले मैं सहारा इंडिया, बेनेट ऐंड कोलमैन, दैनिक जागरण, दैनिक भास्‍कर, दैनिक हिन्‍दुस्‍तान और महुआ न्‍यूज जैसे संस्‍थानों में जिम्‍मेदार पदों पर अपनी सेवाएं दे चुका हूं।

यूपी न्‍यूज की तैयारी के लिए मुझे प्रबंधन ने ब्‍यूरो प्रमुख के पद पर काम करने का अनुरोध किया था। इसमें वेतन के अलावा समाचार संकलन के लिए अनिवार्य खर्च मसलन मोबाइल, ब्राडबैंड, कम्‍प्‍यूटर, कैमरा, डीबी, कैमरामैन, यातायात के साधन यथा टैक्‍सी आदि की सुविधा पर प्रबंधन ने सहमति जतायी थी। मुझसे कहा गया था कि संस्‍थान की ओर से इसकी स्‍थायी व्‍यवस्‍था किये जाने तक मैं इन्‍हें किराये पर लेकर कामकाज शुरू कर दूं, क्‍योंकि दो महीने के भीतर ही यह चैनल ऑन-एयर किया जाना है।

हालांकि उस समय दूसरे संस्‍थानों से भी मेरी बात तय हो रही थी, लेकिन एसटीवी के प्रबंधन से बातचीत के आधार पर मैंने काम करने पर सहमति दे दी। उसी बातचीत के दौरान तय हुआ कि इस नये यूपीन्‍यूज चैनल के प्रोमो के लिए प्रदेश के उन सभी क्षेत्रों की शूटिंग की जाए जिनका ऐतिहासिक, धार्मिक, राजनीतिक, आध्‍यात्मिक, आर्थिक और सांस्‍कृतिक महत्‍व हो। इसकी जिम्‍मेदारी मुझे दी गयी। मैं उत्‍साहित था। कैमरामैन को साथ लेकर पूरा प्रदेश छान मारा।

काम करते हुए एक महीना से ज्‍यादा वक्‍त बीत जाने के बाद जब न वेतन आया और न ही खर्च का भुगतान हुआ तो मैंने दिल्‍ली मुख्‍यालय से सम्‍पर्क किया। वहां से जवाब मिला कि चूंकि नयी टीम के साथ यह चैनल शुरू हो रहा है, इसलिए यह दिक्‍कतें आ रही हैं। आश्‍वासन मिला कि जल्‍दी ही सब सिस्‍टम से हो जाएगा। मुझसे धीरज रखने की अपील की गयी। मैं अपने दायित्‍व पर जुटा रहा। हां, कुछ दिन बीतने के बाद दिल्‍ली से एक कैमरा मेरे पास भिजवा दिया गया। मेरा काम यथावत चल रहा था। हां, आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र मैंने हर बार मुख्‍यालय से किया, जहां से हर बार मुझे आश्‍वासन मिलता रहा। उक्‍त के लिए भोजन, निवास, डीए वगैरह का ब्‍योरा मैं लगातार मुख्‍यालय को भेजता रहा हूं।

अचानक एक दिन मुख्‍यालय से आये एक फोन से मैं स्‍तब्‍ध रह गया। फोन पर कहा गया कि आप इस चैनल के लिए यूपी में नेताओं और राजनीतिक दलों से बात कर लें। जो भी फण्‍ड करने को तैयार हो, उसी की खबरें अब चलायी जाएंगी, और आपको हर हाल में यह काम करना है और इस तरह यूपीन्‍यूज के प्रति अपनी निष्‍ठा दिखानी ही होगी।

मैं हतप्रभ हो गया। नये सम्‍पादक से बात करने के लिए मुख्‍यालय फोन मिलाया तो पता चला कि वे आपसे खुद ही बात कर लेंगे। एक दिन किन्‍हीं सज्‍जन ने खुद को संपादक बताते हुए मुझे फोन किया और कहा कि आप ब्‍यूरो चीफ तो तब रहेंगे जब चैनल ऑन-एयर होगा और उसे ऑन-एयर करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। उसके लिए आप नेताओं व राजनीतिक दलों से मिल कर रकम जुटाइये। इसके पहले कि मैं कुछ कहता, फोन काट दिया गया।

मैंने मुख्‍यालय फोन किया और फोन उठाने वाले को पूरी बात बताते हुए साफ कह दिया कि यह काम मैं नहीं कर सकता। इसके बाद ही खुद को एचआरडी की अधिकारी बताते हुए किन्‍हीं सुश्री नेहा और सुश्री पूजा का फोन कई बार आया और मुझसे कहा कि संस्‍थान को अब मेरी सेवाओं की आवश्‍यकता नहीं है अत: मैं अपना फुल ऐंड फाइनल पेमेंट कर लूं। मैं तो इसके लिए तैयार ही था। लेकिन इन महिला अधिकारियों का कहना था कि मैं कैमरा वापस कर दूं, जबकि मैंने उनसे कह दिया कि मेरे बकायों का भुगतान चूंकि लाखों रूपयों में है, अत: वे बकाया अदा कर कैमरा मंगवा लें। इसके बाद से उनकी ओर से कोई जवाब ही नहीं आया है।

महोदय, यह हालत अत्‍यन्‍त खेदजनक है। मुझे न तो मुझे अब तक वेतन मिला है और न ही फोन, इंटरनेट, मोडम, कैमरा, कैमरामैन, डीबी, टैक्‍सी वगैरह का भुगतान। फुल ऐंड फाइनल पेमेंट भी नहीं किया जा रहा है। जाहिर है कि आपके संस्‍थान से जुड़कर तो जैसे मेरा भविष्‍य ही अंधकार में आ गया है।

बहरहाल, आपसे अनुरोध है कि मेरे बकाया वेतन का तत्‍काल भुगतान कर दें। साथ ही, मेरे भविष्‍य निधि का ब्‍योरा भी मुझे भिजवा दें। आप सहमत होंगे कि आपके इस फुल ऐंड फाइनल पेमेंट के निर्देश के चलते मेरे छह मास से ज्‍यादा का समय बर्बाद हो जाएगा। मुझे नई नौकरी खोजने लिए नये सिरे से भागदौड़ करनी होगी। इसकी एवज में चार मास के पारिश्रमिक का भुगतान मुझे अतिरिक्‍त रूप से करने का कष्‍ट करें।

साथ ही इस दौरान हुई मेरी प्रतिष्‍ठा की हानि की एवज में मुझे कम से कम पचास हजार रूपयों का भुगतान टोकन के तौर पर करें। साथ ही लखनऊ से भेजी गयीं खबरों के लिए 350 रूपये प्रति खबर के हिसाब से 176 खबरों का भुगतान भी कर दें। इसमें वीडियो को बनाना, काटना और उन्‍हें एफटीपी से भेजना आदि सभी कुछ शामिल है। प्रोमो शूट के दौरान हुए समस्‍त खर्च का ब्‍योरा आपको दिया जा चुका है। उसका भी भुगतान कर दें।   

अनुरोध है कि यह भुगतान 15 दिन के भीतर करने का कष्‍ट करें अन्‍यथा इसकी भरपाई के लिए मुझे न्‍यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा जिसकी पूरी जिम्‍मेदारी आपकी होगी।

इस पत्र की प्रतिलिपि आपको डाक से भी भेजी जा रही है।

सहयोग की अपेक्षा में।

कुमार सौवीर

लखनऊ

फोन:- 09415302520

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