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न्यूज एक्सप्रेस पर मनोज प्रभाकर से मुकेश कुमार की बातचीत कल शाम सात बजे से

: प्रभाकर बोले- कांबली नाटकबाज नहीं : पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर का मानना  है कि कांबली ने 1996 विश्व कप सेमीफाइनल में मैच फिक्सिंग के बारे में जो भी खुलासा करने की कोशिश की है उसको गंभीरता से लिया जाना चाहिये।  प्रभाकर ने कहा कि कांबली अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी  हैं और उनकी बात संजीदगी  से लेनी चाहिये… प्रभाकर  ने जोर देकर कहा कि कांबली नाटकबाज नहीं हैं और जो सच है वो सामने आना चाहिये।

: प्रभाकर बोले- कांबली नाटकबाज नहीं : पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर का मानना  है कि कांबली ने 1996 विश्व कप सेमीफाइनल में मैच फिक्सिंग के बारे में जो भी खुलासा करने की कोशिश की है उसको गंभीरता से लिया जाना चाहिये।  प्रभाकर ने कहा कि कांबली अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी  हैं और उनकी बात संजीदगी  से लेनी चाहिये… प्रभाकर  ने जोर देकर कहा कि कांबली नाटकबाज नहीं हैं और जो सच है वो सामने आना चाहिये।

न्यूज़ एक्सप्रेस के खास कार्यक्रम ''शतरंज के खिलाड़ी'' में एक एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान मनोज प्रभाकर ने पहली बार कांबली के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सच सबको पता  है और एक ना एक दिन उनको न्याय ज़रूर मिलेगा। 1996 विश्व कप की टीम का हिस्सा रहे मनोज प्रभाकर ने उस मैच को याद करते हुए कहा कि उस दिन ज़्यादातर लोग टॉस जीतकर बैटिंग के पक्ष में थे लेकिन फिर भी पूरे मैच के बाद भी किसी को नहीं लगा कि इसमें फिक्सिंग जैसी कोई बात हो सकती है।

खुद पर लगे मैच  फिक्सिंग के आरोपों पर मनोज ने अपनी सफाई देते हुए कहा  कि मैं कीचड़ साफ करने के लिये कीचड़ में उतरा था और मैंने ये सब अपने लिये नहीं किया। इस दौरान मुझे कई तरफ से धमकियां दी गयीं, कई लोगों ने मुझे दबाने  की कोशिश की लेकिन मैं  कभी नहीं डरा और ना ही मैंने  अभी तक हार मानी है। मनोज ने कहा कि मैंने मैच फिक्सिंग के मामले को सामने लाने के लिये पहल की और उसकी सजा  भी मुझे ही मिली।

बुकीज से अपने संबंधों के बारे में मनोज ने कहा कि वो बुकीज से मिले लेकिन उसके पीछे उनका मकसद उस खेल को जानना था जो क्रिकेट को बर्बाद कर रहा है। हालांकि मनोज को ये शिकायत जरूर है कि बोर्ड उस दौरान कई बार ऐसे संवेदनशील मामलों में चुप रहा लेकिन अब उसका रवैया बदल चुका है।

1997 में मनोज प्रभाकर ने सबसे पहले खुलासा करते हुए कहा था कि एक मैच के दौरान उनको 25 लाख रुपए का ऑफर आया। उसके बाद इस पूरे मामले पर बवाल मचा और इसमें कपिल सहित क्रिकेट के कई धुरंधर खिलाड़ियों के नाम आए। मनोज प्रभाकर ने बाकायदा एक स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए अपने दावे को पुख्ता करने की कोशिश की थी। इन आरोपों के बाद बीसीसीआई ने पूर्व कप्तान अज़हरुद्दीन और अजय शर्मा पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जबकि मनोज प्रभाकर, अजय जडेजा और नयन मोंगिया पर 5-5 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया।

मनोज प्रभाकर के साथ न्यूज एक्सप्रेस के चैनल हैड मुकेश कुमार की ये खास बातचीत न्यूज एक्सप्रेस पर शनिवार शाम सात बजे प्रसारित की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति

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