फेसबुक पर सरोज कुमार ने जब प्रसिद्ध रंगकर्मी हृषिकेश सुलभ की घटिया हरकत की ओर फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट प्रेषित कर सबका ध्यान खींचा तो बाद में सुलभ ने उसी पोस्ट के नीचे कमेंट के रूप में अपनी सफाई दी. लेकिन वे देर तक बहस झेल नहीं सके और सरोज कुमार को ब्लाक कर दिया.
आखिर एक रंगकर्मी अपने पर लग रहे आरोप के बारे में बात-बहस से भागने की कोशिश कैसे कर सकता है और सवाल उठाने वालो को क्यों ब्लाक करता है? यह बताता है कि सुलभ साहब भले ही प्रसिद्ध रंगकर्मी हों लेकिन उन्हें दूसरों को डेमोक्रेटिक स्पेस देना नहीं आता, खुद वे पूरा डेमोक्रेटिक स्पेस लेना चाहते हैं, जिसके तहत वे कभी किसी फोटोग्राफर को धकिया देते हैं, कभी अपने किसी फेसबुकी साथी को सवाल उठाने के कारण ब्लाक कर देते हैं… वाह से सुलभ जी वाह.. धन्य है आपका रंगर्कम और आपकी संवेदनशीलता… नीचे पढ़िए सरोज कुमार की वो टिप्पणी जब उन्हें पता चलता है कि सफाई देते देते सुलभ ने खुद को सरोज कुमार के लिए दुर्लभ बना लिया है, फेसबुक पर सरोज को ब्लाक करते हुए.
Saroj Kumar अब हृषिकेश सर ने मुझे ब्लॉक कर दिया है…आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया, उन्होंने तो यह कह कर मेरी लिखी बाते अपने प्रोफाइल पर पोस्ट की थी कि सच्चाई सबके सामने आए…फिर मेरी बात वे अपने फ्रोफाइल पर क्यों नहीं सुनना चाहते, मैं उनके प्रोफाइल पर लगातार आ रहे कमेंट्स का जवाब दे रहा था, मैं हटा तो नहीं,.. आखिर हमारे वरिष्ठ और तथाकथित सम्मानित बुद्धिजीवि-रंगकर्मी-साहित्यकार कैसी नई पीढ़ी चाहते हैं, वे ऐसी पीढ़ी चाहते हैं जो उनके सम्मान-गुणगान में ही झुकी रहे और वे कुछ भी करते फिरें, नई पीढ़ी के सामने पुरानी पीढ़ी यहीं आदर्श बनाना चाहती है क्या…मैं उन सारे पुरानी पीढ़ियों के लोगों से जवाब मांगता रहूंगा, कुछ दिन पहले आलोक धन्वा पर भी मैंने ऐसे ही सवाल खड़े किए थे जब वे विशेष राज्य के मुद्दे पर नीतीश सरकार के प्रवक्ता की तरह बिहैव कर रहे थे…बेशक ये लोग मुझे दो कौड़ी का भी ना समझें या अनआइंडेंटीफाइड बताते रहे…मैं सवाल खड़ी करने वाली नई पीढ़ी चाहता हूं…
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