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संवाददाता साहब कह रहे थे कि इससे बड़ी अंतिम यात्रा आज़ाद भारत में किसी की भी मौत पर नहीं देखी गई

Mayank Saxena : न जाने किस चैनल की आवाज़ अभी कान में पड़ी…संवाददाता साहब कह रहे थे कि इससे बड़ी अंतिम यात्रा आज़ाद भारत में किसी की भी मौत पर नहीं देखी गई….अच्छा हुआ टीवी के सामने नहीं था, वरना आज कई हज़ार का नुकसान हो जाता….

Mayank Saxena : न जाने किस चैनल की आवाज़ अभी कान में पड़ी…संवाददाता साहब कह रहे थे कि इससे बड़ी अंतिम यात्रा आज़ाद भारत में किसी की भी मौत पर नहीं देखी गई….अच्छा हुआ टीवी के सामने नहीं था, वरना आज कई हज़ार का नुकसान हो जाता….

Mayank Saxena : हिटलर यहूदियों से घृणा करता था…वो हिटलर से प्रेम करता था…आप उससे प्रेम करते हैं…आप इज़राइल से भी प्रेम करते हैं…आप हिटलर से भी प्रेम करते हैं…हिटलर होता तो इज़राइल पर भी हमला बोल देता…समझ ही नहीं आता, आप में से कौन किससे प्रेम करता है…या सब ढोंग कर रहे हैं…या फिर आप को बेसिक समझ ही नहीं है…

Durgaprasad Agrawal : बाल ठाकरे के निधन पर लता मंगेशकर ने ट्वीट किया है कि महाराष्ट्र अनाथ हो गया. बड़ी राहत की बात है कि अपन महाराष्ट्र में नहीं रहते हैं.

Amitabh Thakur : स्व० बाल ठाकरे और स्व० पोंटी चड्डा जीवन में अत्यंत सफल साबित हुए क्योंकि उनके विशिष्ट अंतरित क्षमताएं थीं. लेकिन उनकी सफतायें कहीं ना कहीं हमारे देश में क़ानून की कमजोर पकड़ की ओर भी स्पष्ट इशारा करती हैं.

Siddharth Kalhans : आज बाला साहेब को कोसने का कोई मतलब नहीं। मरे गधे पर लाठी चार्ज क्या करना। ये भी सही है की बाला साहेब से बड़ा नर पिसाच आज गुजरात में बैठा अपना स्वतिगान करवा रहा है। मगर बाला साहेब को defend करने वाले जरा उनकी राजनीती, कुछ योगदान, सरोकार, विचारधारा, अदि के बारे में बता दें। 1992 के कत्लोआम, फिर कुछ सौ लोगों की ताकत, जिन्हें एक बद दिमाग आदमी विचारधारा नहीं केवल रेस के नाम पर ही जोड़ सकता था, पर गाहे बगाहे गुंडागर्दी, सिनेमा जैसे कमजोर उद्योग को आये दिन धमकाना। पूंजीपतियों से पैसे उगाह मजदूर सन्गठन को धमकाना, निपटाना। कुछ येही करम रहे उनके। बाकी मुंबई, पुणे में कुछ सौ, हज़ार लोगों को इक्कठा कर लेना कारोबारी शहरों में तो दहला देने के लिए काफी है। हाँ प्रीतिश से एक बार बाला साहेब ने कुछ शौक बताये थे जिनमे डाइट बियर भुने चने के साथ लेना भी शामिल था। फिर कुछ लोगों की जुटान की व्यवस्था हो तो बड़े शहर में बिल्डर, माफिया, कारोबारी, चकला चलने वाले सब जुड़ जायेंगे और चमक उठी राजनीति, अगर कोई है तो। बाकि ऊपर वाला उनको करवट करवट जन्नत अतआ करे…

उपरोक्त टिप्पणियां फेसबुक से.

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