चैनल वन न्यूज से खबर है कि इस चैनल ने अब मीडिया हाउसों को ही टारगेट करना शुरू कर दिया है. चैनल वन के निशाने पर इन दिनों न्यूज एक्सप्रेस को संचालित करने वाला साईं प्रसाद ग्रुप और सहारा समय चैनल को चलाने वाला सहारा समूह है. इससे पहले चैनल वन ने पी7न्यूज को संचालित करने वाली कंपनी पर्ल और पीएसीएल को टारगेट किया था.
बाद में अचानक विरोधी खबरें चैनल से गायब हो गईं और चैनल वन व लेमन टीवी पर पर्ल ग्रुप का विज्ञापन चलने लगा. चैनल वन पर कुछ समय पहले सहारा के पक्ष में खबरें व प्रोग्राम चलाया जाता था. लेकिन अब चैनल वन ने सहारा समूह को टारगेट कर लिया है. इस बाबत उसने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिक दायर की है. पूरी याचिका को आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं- https://www.bhadas4media.com/c1p.pdf
इसी तरह चैनल वन ने न्यूज एक्सप्रेस को संचालित करने वाली कंपनी साईं प्रसाद ग्रुप को भी टारगेट किया है. साईं प्रसाद ग्रुप के खिलाफ खबर चलाने से पहले चैनल वन प्रबंधन ने न्यूज एक्सप्रेस के कई लोगों से संपर्क साधा. बाद में चैनल वन पर साईं प्रसाद ग्रुप के खिलाफ दिखाए जाने वाले कार्यक्रम का प्रोमो दिखाया गया. फिर प्रोग्राम भी चलाया गया. पर साईं प्रसाद ग्रुप ने अपनी तरफ से कोई भी टिप्पणी देने से इनकार कर दिया.
सूत्रों के मुताबिक चैनल वन से जुड़े विजय नांबियार और उनकी टीम के लोग इस तरह के आपरेशंस को करते हैं. विजय नांबियार के लोग विभिन्न जगहों पर विभिन्न कंपनियों के खिलाफ शिकायत आदि करते रहते हैं और उसके आधार पर खबरें दिखाते चलाते हैं. वहीं, कुछ लोगों ने आशंका जाहिर की कि जितनी तेज स्पीड से चैनल वन दूसरे समूहों से पंगा ले रहा है, उससे कहीं ऐसा न हो जाए कि कई बड़े समूह मिलकर चैनल वन को नेस्तनाबूत करने पर तुल जाएं.
जानकारों के मुताबिक चैनल वन से जुड़े कुछ लोगों ने न्यूज एक्सप्रेस चैनल के हेड निशांत चतुर्वेदी से जब मुंबई में मुलाकात की तो पूरी बातचीत को रिकार्ड कर लिया. इस बातचीत को लेकर चैनल वन की तरफ से माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे उन्होंने कोई बड़ा स्टिंग कर लिया हो और इस स्टिंग के जरिए न्यूज एक्सप्रेस और निशांत चतुर्वेदी को बर्बाद कर दिया जाएगा.
पर न्यूज एक्सप्रेस से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बातचीत में कुछ भी ऐसा नहीं है जो गैरकानूनी या आपत्तिजनक हो, किसी को नौकरी का आफर देना गैरकानूनी काम नहीं है… हां, इस घटनाक्रम से चैनल वन की नीयत पर जरूर शक होता है कि आखिर वह न्यूज चैनलों को संचालित करने वाली कंपनियों को टारगेट करके क्या पाना चाहता है.
न्यूज एक्सप्रेस से जुड़े लोगों के मुताबिक जिनके घर शीशे के बने हों उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर मारने से बचना चाहिए. न्यूज एक्सप्रेस से जुड़े लोगों के मुताबिक चैनल वन इस तरह के विरोधी अभियानों के जरिए पत्रकारिता की आड़ में डीलिंग करता है और यही इस चैनल का रिकार्ड भी रहा है. साईं प्रसाद ग्रुप और न्यूज एक्सप्रेस किसी की ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा, ऐसा इरादा साईं प्रसाद ग्रुप के प्रबंधन ने जता दिया है.
उधर, चैनल वन से जुड़े लोगों का कहना है कि चैनल सच्चाई दिखाने के क्रम में अपने इर्दगिर्द की कंपनियों-चैनलों के अंदरखाने की गड़बड़ियों को उठाता और दिखाता है, जो कि लाजिकल है. और, यह हक हर न्यूज चैनल को है कि वह जहां भी गड़बड़ी दिखे, उसे रिपोर्ट करे, अपने दर्शकों को बताए.
कुल मिलाकर चैनल वन ने मीडिया घरानों को टारगेट करके बहुत ही रोचक स्थिति पैदा कर दी है. देखना है कि मीडिया घरानों के लोग चैनल वन से हाथ मिलाते हैं या दो-दो हाथ करते हैं. हां, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम से आम दर्शकों को ज्यादा फायदा है, जिन्हें मीडिया घरानों को संचालित करने वाली कंपनियों के अंदरखाने की जानकारियां मिल रही हैं.





