Umashankar Singh : अरविंद केजरीवाल ने दो महीने पहले एक पंक्ति का आरोप लगाया था कि इंडिया बुल्स में बड़े लोगों के पैसे लगें हैं और वे जल्द ही इसका ख़ुलासा करेंगे। लेकिन इस मामले में उनकी चुप्पी लंबी होती जा रही है। इससे शक पैदा होना लाज़िमी है कि कहीं उन्हें इस मामले में अपना मुंह बंद रखने के लिए मोटा माल तो नहीं मिल गया है? आरोप क्या इंडिया बुल्स पर सिर्फ दबाव बनाने के लिए लगाया गया था? (ज्ञात हो कि आरोप लगने के अगले ही दिन इंडिया बुल्स का शेयर 10 फीसदी तक गिर गया था।) कहीं ये गुपचुप तरीक़े से चुनावी चंदा जुटाने का तरीक़ा भर तो नहीं था? अगर यहां जताए गए शक और सवाल ग़लत हैं तो केजरीवाल को इस मामले में तुरंत अपनी बात रखनी चाहिए। आख़िर इस बाबत वो कब अपना खुलासा करेंगे?
Yatharth Mishra bana dijiye ek report….shayad kal tak jawab aa jaae…!!!
Anand Dutta filhal unpe shaq karne ki koi jbardast wajah nhi ban rahi hai…..
Himanshu Vashishtha wah ise kahte hain bindass journalism.. 🙂
Sanjay Rai ekdum sahi sawaal hai.
Harishankar Shahi जब अगला घोटाला होगा तब अगला खुलासा भी होगा… मौके लकीर खींची जाती है… चंदे के धंधे में लगे लोग बहुत समझदार होते हैं.
Umashankar Singh आनंद, उन्होने टीवी चैनलों से इस बाबत टिकर चलाने की भी अपील की थी। दावा किया था कि आम आदमी से बहुत सूचनाएं आ रही हैं। कहां गई वो सूचनाएं? और अगर सूचनाएं पर्याप्त नहीं थी तो आरोप लगाने की हड़बड़ी क्या थी? अब जबकि वो राजनीतिक जीवन में हैं तो ऐसे सवालों का सामना तो उन्हें करना होगा। नहीं तो फिर कांग्रेसियों, भाजपाईयों और 'आपाईयों' में फ़र्क क्या रहेगा?
(AAP से बना आपाईयों- साभार रवीश कुमार)
Anand Dutta ab pura majra samjh gya sir….
Prashant Jha Kejriwal Khulason mein Jaldi karte hain…Toh Woh Khulason ki Saptahik Dukaan Banaa Diye jaate hain…Aur ab jab unhone party banane ke baad zaraa samay kya liya…Unpar aarop lagaane ke bahaane dhoonde jaa rahe hain.
Kumar Ranjeet sab kejriwal sahab hi karenge tho phir aap log kya kijiyega ….phir usi khabar ko "break" kijiyega kya ….!!!!
Umashankar Singh इस पोस्ट पर आने वाली अभद्र टिप्पणियों से तय होगा कि केजरीवाल के कितने चंगू हैं वर्चुअल दुनिया में…
Rajesh Katiyar केजरीवाल से सवाल पूछना गुनाह है, क्योंकि वह बुरा मान जाएंगे। उन्होंने अपने को पहले ही प्रमाण पत्र aदे दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर को तहरीर चौक समझा रखा है। महज कुछ दिन के प्रदर्शन को आंदोलन।
एनडीटीवी के जर्नलिस्ट उमाशंकर सिंह के फेसबुक वॉल से साभार.





