एफडीआई और इसके माध्यम से भारत में घुसकर हंगामा बरपाने को तैयार वॉलमार्ट को लेकर भारत में बहस तेज हो चुकी है. ऐसे में कार्टूनिस्ट भी अपनी कूची चला रहे हैं. नीचे दिए गए कार्टून को टीम केजरीवाल के सदस्य कुमार विश्वास ने फेसबुक पर शेयर किया है, इस कमेंट के साथ-
@F.D.I. सब की मिलीभगत है और कोई सोचने को तैयार ही नहीं है ! दुनिया के दूसरे दरीचों के लिए खिड़कियाँ खोलना बिलकुल बुरा नहीं बशर्ते की उधर से ख़ुशबू, मुहब्बत और तहज़ीब आती हो ! लेकिन अगर "वैस्ट"(WEST) का "वेस्ट"(WASTE) ही व्यापार कहलाता हो तो हमारे मोहल्ले की परचून की दूकान पर सारी गोरी-कृपा कुर्बान की जा सकती है ! संसद में तय पटकथा के अनुसार भाइयों-बहिनों ने बहुत उत्तम अभिनय किया….जिन में इस पर फैसला लेने की ताक़त है उन्होंने हम से ली अपनी ताक़त बाज़ार में बेच डाली है ! हम क्या करें हल्ला मचाने के सिवाय ,खतरे से आगाह करने के अलावा….अब रो-पीट कर घर तो बैठ सकते नहीं….!
"हमें खतरे का अंदाज़ा है लेकिन
हमारे घर में दरवाज़ा नहीं है ,
तुम्हारे घर में दरवाज़ा है लेकिन ,
तुम्हे खतरे का अंदाज़ा नहीं है…..!"






