मुलायम और मायावती ने जिस तरह कांग्रेस के आगे सरेंडर किया और एफडीआई को पास कराने में बड़ी भूमिका निभाई, उससे जनता के सामने कई संदेश गए हैं. यह कि दुश्मनों पर एतबार कर लो, नेताओं का कभी भरोसा न करो. जिस समाजवादी पार्टी ने एफडीआई के खिलाफ बंद का आयोजन किया था और उसके नेता लोग जिले जिले में रेल बस रोक कर आम जन जीवन ठप करने पर तुले थे, उसी सपा ने कांग्रेस को मदद देकर एफडीआई पास करा दिया. सबसे आश्चर्यजनक भूमिका मुलायम सिंह यादव की रही. मायावती तो तब भी अंत तक चुप रहीं और आखिर में लोकसभा में वाकआउट और राज्यसभा में खुलकर पक्षधरता दिखाकर अपनी राजनीतिक मजबूरी का इजहार कर दिया लेकिन मुलायम ने आखिर तक विरोध किया पर ऐन वक्त पर वाकआउट करके कांग्रेस को एफडीआई पर सपोर्ट दे दिया. इस मुद्दे पर चार कार्टून यहां पेश हैं. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया









