नई दिल्ली : न्यूज़ एक्सप्रेस द्वारा भारतील रेल की खस्ताहाल सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलने के बाद अब बारी एनसीआर के अस्पतालों की थी. अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था का ऑपरेशन किया गंभीर न्यूज चैनल 'न्यूज एक्सप्रेस' ने. लोगों की आंखें तब फटी रह गईं जब देखा कि एनसीआर के अस्पतालों में मरीज महफूज नहीं.
कोई भी, कभी भी आकर उनका सीना छलनी कर सकता है. देश में एक जगह आतंकवादी घटना घटती है तो कमोबेश पूरे देश में हाई-अलर्ट जारी कर दिया जाता है. पुलिस चौकन्नी हो जाती है और सुरक्षा इंतजामात चाक-चौबंद. जाहिराना तौर पर ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ऐसे वाकये किसी दूसरी जगह पेश ना आएं. लेकिन गुड़गांव में कुछ ऐसा ही हुआ.
गुड़गांव के जिस अस्पताल में बुधवार को अंधाधुंध फायरिंग हुई, उसी अस्पताल के सुरक्षाकर्मी इतनी बड़ी घटना के बाद भी सतर्क नहीं हो सके. सोती हुई सुरक्षा व्यवस्था को बेपर्दा करने का बीड़ा न्यूज एक्सप्रेस के जांबाज रिपोर्टर पंडित आयुष ने उठाया. घटना के अगले ही दिन आयुष ने मेटल का एक तमंचा लिया. अपनी कमर में लगी बेल्ट में खोंसा और वो जा पहुंचे गुड़गांव के सनराइज़ अस्पताल में.
आयुष को उम्मीद थी कि वहां मुस्तैद सुरक्षा गार्ड उसकी मुकम्मल तलाशी लेंगे और तभी उसे भीतर एंट्री दी जाएगी. लेकिन नहीं. किसी ने उनकी तलाशी लेने की जहमत नहीं उठाई. वो सीधे अस्पताल के अंदर वहां तक जा पहुंचे जहां बुधवार को शूट-ऑउट हुआ था.
संदेश साफ है.
जहां गोलियां चलीं वो जगह अब भी महफूज नहीं. अस्पताल की आईसीयू में भी बड़े इत्मीनान से कातिल दे सकते हैं अपने मंसूबे को अंजाम. वो यहीं नहीं रुके. सोचा शायद इस अस्पताल की हालत ठीक ना हो, दूसरे अस्पतालों में मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था होगी. न्यूज एक्सप्रेस की टीम डीएलएफ फेज-4 के मैक्स अस्पताल में पहुंची. बड़ा अस्पताल. बड़ा नाम. लेकिन हैरानी तब हुई जब यहां भी हालात कमोबेश वैसे ही नजर आए जैसे सनराइज अस्पताल में.
यहां भी पंडित आयुष तमंचे के साथ धड़धड़ाते हुए आईसीयू तक जा पहुंचे. ना कोई रोकने वाला, ना कोई टोकने वाला. न्यूज एक्सप्रेस की टीम अब गुड़गांव छोड़ एनसीआर के नोएडा में आ पहुंची. यहां के सबसे बड़े अस्पताल फोर्टिस में. सेक्टर 62 में स्थित फोर्टिस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी निहायत लचर निकली. अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद यहां भी मरीज अपने रकीबों से महफूज नहीं. चैनल के ऑपरेशन ने अस्पतालों का ही पूरा ऑपरेशन कर डाला. आखिरकार खबर अंदर की जो दिखानी थी.
प्रेस विज्ञप्ति





