छत्तीसगढ़ के जशपुर से खबर है कि एक थानेदार ने पत्रकारों के साथ जमकर बदतमीजी की. मामला कुनकुरी थाने का है. इस थाने में कुंजारा गांव के ग्रामीण धरने पर बैठे थे. ये ग्रामीण थानेदार के भ्रष्ट सरपंच से मिले होने और निर्दोषों को गिरफ्तार करने से नाराज थे और थानेदार पर कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के अंदर ही धरने पर बैठ गए थे. इस घटनाक्रम के कवरेज के लिए जब पत्रकार कुनकुरी थाने के अंदर घुसे तो थानेदार ने जमकर गुंडागर्दी शुरू कर दी. थानेदार ने पत्रकारों को गाली देकर थाने से भगाया और दुबारा कभी थाने में न घुसने की धमकी भी दी.
पूरा वाकया सैकड़ों ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सामने हुआ. थानेदार की इस हिटलरशाही अंदाज को मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया. थाने में मौजूद ग्रामीणों के हंगामे को कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों के साथ गुंडागर्दी करने वाला यह थानेदार है जेआर सहारे. इसे यह कत्तई कबूल नहीं की कोई भी पत्रकार बगैर इसकी मर्जी के थाने में घुसे और थाने की फोटो खींचे. पत्रकारों ने यही गलती कर दी की कुनकुरी थाने का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों के हंगामे का कवरेज बिना जेआर सहारे की अनुमति के करने लगे. यह सब थानेदार को काफी नवागार गुजरा और फोटो खींचते देख पत्रकारों को वह अचानक धमकाने लगा.
कुंजारा गाँव के ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में मनरेगा को लेकर तीन माह से वे भ्रष्टाचार की शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन आज तक उनकी शिकायत पर प्रशासन ने कोई कारवाही नहीं की. उलटा कुंजारा के सरपंच ने गाँव के ही कुछ लोगों के खिलाफ जब इस थाने में शिकायत की तो थानेदार रातोंरात ग्रामीणों को गिरफ्तार करने कुंजारा गाँव पहुँच गया. थानेदार के इस पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ गाँव के सारे लोग लामबंद हो गए और थाने में ही धरने पर बैठ गए हैं. ग्रामीणों को SDOP के द्वारा समझाइश देकर वापस भेजा गया और उचित कारवाही का भरोसा दिया गया. बहरहाल, पत्रकारों ने इस पूरे घटना की जानकारी छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री, सरगूजा आईजी, पुलिस अधीक्षक जशपुर सहित कई आला अधिकारियों को दे दी है.





