जालंधर में टीवी मीडिया द्वारा हाल ही में गठित की गयी पत्रकारों की संस्था पंजाब इलेक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन (पेमा) में चुनाव के दिन से पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा ..जालंधर के दो वरिष्ठ पत्रकारों ने पेमा की जनरल बाडी में शामिल होने से इनकार कर दिया है ..सीएनबीसी के पत्रकार नरेश अरोड़ा और एनडीटीवी के पत्रकार अश्वनी मल्होत्रा ने पेमा की बाडी में किसी भी तरह का पद लेने से साफ़ मना कर दिया..
नरेश अरोड़ा पिछले करीब बारह साल से मीडिया में हैं और करीब दस साल से टीवी मीडिया से जुड़े हैं …एनडीटीवी के पत्रकार अश्वनी मल्होत्रा भी पिछले करीब सात-आठ साल से टीवी मीडिया में हैं… इस से पहले पेमा के अध्यक्ष परमजीत रंगपुरी द्वारा शनिवार को बुलाई गयी बैठक में चुनाव में हिस्सा लेने वाले बाइस सदस्यों में से करीब दर्जन भर सदस्य ही बैठक में शामिल हुए.. .इस से पहले एटूजेड चैनल के पत्रकार पवन धूपर ने पेमा के चुनाव में उन्हें वोट का अधिकार न दिए जाने के आरोप लगाये थे.. इस चुनाव में परमजीत रंगपुरी ग्यारह वोट के साथ प्रधान चुने गये थे, लेकिन विपक्षी उमीदवार अश्ह्वानी मल्होत्रा ने महज चुनाव में खड़े होने की औपचारिकता ही पूरी की और चुनाव प्रचार तक नहीं किया, जबकि रंगपुरी खेमे ने चुनाव एक लिए पूरा जोर लगा दिया था… शनिवार को हुयी पेमा की बैठक में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पत्रकार भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो पेमा की बाडी उसके मतदान का अधिकार रद्द कर सकती है..
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