मेरे पति आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आज इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में मुख्यमंत्री के सचिवों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम पर हस्ताक्षर करने की परंपरा को चुनौती दी है. उन्होंने कहा है कि 2007 तक उनकी समस्त फाइलों पर मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में खुद हस्ताक्षर किये गए थे. इसके बाद मायावती के पास गई फ़ाइलों में खुद मायावती के द्वारा हस्ताक्षर नहीं किये गए. मायावती के नाम पर उनके सचिव, आईपीएस अधिकारी विजय सिंह द्वारा यह कहते इन फाइलों पर हस्ताक्षर किये गए कि ये मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित किये जा रहे हैं. यह स्थिति आज भी बनी दिखती है क्योंकि उनके एक फ़ाइल पर मुख्यमंत्री के स्थान पर उनकी सचिव अनीता सिंह ने उनके नाम पर अनुमोदन किया है.
अमिताभ ने कहा है कि मुख्यमंत्री के नाम पर उनके सचिवों द्वारा हस्ताक्षर करना नियमों के विरुद्ध है क्योंकि ऐसा कोई क़ानून नहीं है जो एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के नाम पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दे. जहाँ मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों को यह अधिकार है कि वे किसी रैंक के अधिकारी को पत्रावली अनुमोदन हेतु अनुमन्य कर दें पर उन्हें यह अधिकार नहीं की कि वे अपने सचिव से अपने नाम पर हस्ताक्षर करने को कहें. उनके अनुसार यह व्यवस्था अत्यंत खतरनाक और उत्तरदायित्व के सिद्धांतों के विपरीत है. मुख्यमंत्री और सचिव दोनों इसका दुरुपयोग कर सकते हैं और बाद में पलट सकते हैं. अमिताभ ने आरोप लगाया है कि उनके मामलों में विजय सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित बताते हुए बिना उनसे पूछे अपने स्तर से ही सभी निर्णय ले लिए गए थे.
नूतन ठाकुर के फेसबुक वॉल से.





