Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

‘ठीक है’ : गलती एएनआई की और सजा दूरदर्शन कर्मी को!

: कानाफूसी : गैंगरेप के बाद दिल्ली और पूरे देश में आठ दिनों तक जारी हंगामे के बाद जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुप्पी तोड़ी तो उस पर और ज्यादा बवाल मच गया। प्रधानमंत्री ने अपने रिकार्डेड स्पीच में गैंगरेप पीड़िता के प्रति सहानुभूति जताते हुए लोगों के गुस्से को जायज ठहराया। लेकिन उसी स्पीच के रिकार्डेड आखिरी दो शब्द ‘ठीक है’ टेलीकास्ट होने के बाद प्रधानमंत्री का भाषण ही उनके लिए गले की हड्डी बन गया है। सोशल मीडिया, फेसबुक से लेकर ट्विटर पर और समाचार पत्रों में मनमोहन सिंह की तीखी आलोचना हुयी है।

: कानाफूसी : गैंगरेप के बाद दिल्ली और पूरे देश में आठ दिनों तक जारी हंगामे के बाद जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुप्पी तोड़ी तो उस पर और ज्यादा बवाल मच गया। प्रधानमंत्री ने अपने रिकार्डेड स्पीच में गैंगरेप पीड़िता के प्रति सहानुभूति जताते हुए लोगों के गुस्से को जायज ठहराया। लेकिन उसी स्पीच के रिकार्डेड आखिरी दो शब्द ‘ठीक है’ टेलीकास्ट होने के बाद प्रधानमंत्री का भाषण ही उनके लिए गले की हड्डी बन गया है। सोशल मीडिया, फेसबुक से लेकर ट्विटर पर और समाचार पत्रों में मनमोहन सिंह की तीखी आलोचना हुयी है।

इसके बाद बलि का बकरा दूरदर्शन के पांच कर्मियों को बनाया गया है। लेकिन सवाल यह है कि गलती एएनआई की और सजा दूरदर्शनकर्मी को क्यों? प्रधानमंत्री ने अपना भाषण एएनआई को रिकार्ड कराया और उसी में आखिरी शब्द ‘ठीक है’ भी रिकार्ड हो गया। एएनआई ने ‘ठीक है’ शब्द को बिना एडिट किये ही प्लेआउट कर दिया, जो एक ही साथ देश के तकरीबन 41 चैनलों पर चला। इसके बाद प्रधानमंत्री का भाषण मजाक का पात्र बन गया है। लेकिन एएनआई के गलती की गाज पीएमओ ने दूरदर्शन के पांच कर्मियों पर गिरा दी। गलती के तत्काल बाद एएनआई ने अपनी तरफ से सफाई भी जारी की। लेकिन एएनआई की सफाई से पीएमओ का गुस्सा कम नहीं हुआ है।

एएनआई को दूरदर्शन की तरह ही दूसरा सरकारी डिपार्टमेंट माना जाता है। दूरदर्शन पर चलने वाले कई प्रोग्राम एएनआई में बनते हैं। इस हालत में एएनआई की गलती को प्रधानमंत्री कार्यालय पचा नहीं पा रहा है। वहीं एएनआई में इस गलती को लेकर अच्छी खासी गहमागहमी है। मीडियाकर्मियों के गॉसिप पर भरोसा करें तो ‘ठीक है’ के टेलीकास्ट के सूत्रधार एएनआई के इनपुट हेड और कंपनी के मालिक के बेटे को माना जा रहा है।

उपरोक्त विश्लेषण एक मीडियाकर्मी ने भड़ास को मेल से भेजा है. उन्होंने अपना नाम गोपनीय रखने का अनुरोध किया है. अगर आप इस प्रकरण पर कोई और विचार रखते हैं तो नीचे कमेंट बाक्स का सहारा ले सकते हैं या फिर [email protected] के जरिए भड़ास तक मेल कर सकते हैं

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...