Ajit Anjum : सुनो लड़कियों ….अब वो तो लड़ते लड़ते चली गई लेकिन क्या आप सब लड़ने को तैयार हैं …..सिर्फ कैंडिल मार्च निकालने और नारे उछालने से कुछ नहीं होगा….सिर्फ कानून बनाने से कुछ नहीं होगा. मानसिकता भी बदलनी होगी. अपने आस-पास मौजूद रेपिस्ट मानसिकता वालों पर चोट करनी होगी …आप अपने दफ्तरों में ऐसे लोगों का सामना करती होंगी …उन्हें अब एक्सपोज करने की हिम्मत जुटाइए …
बुरी नजर वालों को चिन्हित करिए….उसके चेहरे से नकाब नोच दीजिए …चाहे वो आपका बास हो या सहयोगी …सीनियर हो या जूनियर …अगर उसकी नजरें और इरादे ठीक नहीं हैं तो उसे दुनिया के सामने नंगा करने की हिम्मत जुटाइए ….अपने दफ्तरों में शिकायत कीजिए …..आप जहां हैं , वहीं से आवाज बुलंद कीजिए …लोक लाज की चिंता छोड़िए , आपकी यही चिंता ऐसे लोगों को हौसला देती है….आप उन्हें चिन्हित और बेनकाब करना शुरु करिए ….यही उस बहादुर लड़की के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी …..तो क्या आप इस लड़ाई के लिए तैयार हैं ….
न्यूज24 के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से.





