Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के एसएचओ दिनेश कुमार के कुछ लोकप्रिय डायलाग

Mayank Saxena : दिल्ली पुलिस के एक एसएचओ साहब है…जो अपने आप को ख़ुद में क़ानून समझते हैं…दिनेश कुमार नाम है और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में तैनात हैं…मुग़ालता ये है कि जो एक बार थाने में आया वो इनकी दया पर आश्रित है…पहले Alok Dixit को ज़बरन डीटेन करने के बाद फिर 7 महिलाओं को देर रात तक थाने में बेवजह बिठाए रखा…और अब उस छात्रा शांभवी के साथ जो दुर्व्यवहार ही नहीं मारपीट भी इन्होंने की, उसके बारे में कहना भी शर्मसार करता है…एसएचओ दिनेश कुमार के कुछ ख़ुदाई जुमले हमने शेयर किए थे…बाकी भी सुनिए…

Mayank Saxena : दिल्ली पुलिस के एक एसएचओ साहब है…जो अपने आप को ख़ुद में क़ानून समझते हैं…दिनेश कुमार नाम है और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में तैनात हैं…मुग़ालता ये है कि जो एक बार थाने में आया वो इनकी दया पर आश्रित है…पहले Alok Dixit को ज़बरन डीटेन करने के बाद फिर 7 महिलाओं को देर रात तक थाने में बेवजह बिठाए रखा…और अब उस छात्रा शांभवी के साथ जो दुर्व्यवहार ही नहीं मारपीट भी इन्होंने की, उसके बारे में कहना भी शर्मसार करता है…एसएचओ दिनेश कुमार के कुछ ख़ुदाई जुमले हमने शेयर किए थे…बाकी भी सुनिए…

"तुम हो कौन…टीवी पर आने के लिए प्रोटेस्ट करते हो…"

"लाठी…अभी केस लगाऊंगा तो देखो कैसे मारूंगा…"

"अब तो मामला मेरे हाथ में है….जो मन करेगा वो धाराएं लगाऊंगा…"

"मैडम आप महिला हैं…नहीं तो…"

"नहीं है महिला कांस्टेबल…है भी तो भी नहीं बुलाऊंगा…क्या कर लोगे.."

"क़ानून तो हमारे हाथ में है…तुम मत चिंता करो, हम देख लेंगे…तुमको भी क़ानून को भी"

"अभी तो मैं जो चाहूंगा करूंगा…बाद में लड़ते रहना कोर्ट में"

"मैडम आप अपनी आवाज़ नीची करिए…मैं चिल्लाऊंगा तो आप रोने लगेंगी…"

"अभी तो गाली ही दी है…"

"पुलिस अपनी पर आती है, तो सबकी मां बहन एक कर देती है…डालो सालों को अंदर.."

"आप लोगों को कमरे में घुसने दे रहा हूं, ये क्या कम है…"

"आप क्या जानती हैं…मेकअप किया…चली आई यहां…नारे लगा लिए…हो गया…"

"जो करना हो कर लेना, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे…और ऐसी धाराएं लगाऊंगा कि बाहर नहीं आओगे…"

इन संवादों को ज़रा ग़ौर से सुनिए…कैसे लग रहे हैं सुनने में…और अगर कहीं आप दिनेश कुमार के भाव भंगिमाएं देख लेते तो आप को लगता कि किसी बेहूदी सी क्लास फिल्म का विलेन सामने हो…बेहद घटिया तरीका…बेहूदी ज़ुबान…और बदसलूकी उनकी आदत में शुमार है…न जाने कैसी अकड़ है…

दरअसल पुलिस का रवैया भी बड़ी वजह है लोगों के गुस्से के शांत न होने की…पुलिस के बड़े अधिकारियों की मानसिकता भी खाप के लोगों से ज़्यादा अलग नहीं है…और वैसे ही इनके सांसद और मंत्री भी हैं…मुखर्जी साहब का बयान आपने सुना…और ठाकरे की मौत पर रुदाली बन जाने वाले गृहमंत्री आम लोगों से मिलना भी बेइज्ज़ती समझते हैं…

आप ग़ौर से देखेंगे तो बलात्कारी के चेहरे और पुलिस अधिकारियों…राष्ट्रपुत्र…और शिंदे साहब के चेहरे में ज़्यादा अंतर नहीं दिखेगा…हां नाम और काम अलग हैं, भावनाएं बयानों से दिखती हैं…और माफ़ी मांगने से माफ़ नहीं होती हैं…

टीवी जर्नलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट मयंक सक्सेना के फेसबुक वॉल से.


एसएचओ दिनेश कुमार का कारनामा : आंदोलनकारी लड़की को बंधक बना झाड़ू-पोंछा लगवाया
 
xxx
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के एसएचओ दिनेश कुमार ने फिर एक लड़की से की बदसलूकी
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...