एक चर्चा बहुत तेज है. इसके प्रमाण में डाक्यूमेंट्स भी सामने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि पहली जनवरी से मंत्री जी के एक न्यूज चैनल के मार्केटिंग का राइट किसी दूसरे चैनल को दे दिया गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक बड़ी डील में चार सौ करोड़ से ज्यादा का कमीशन मंत्री जी का बना है, सो वह इस रकम को अपने तक लाने के लिए अपने न्यूज चैनल के रुट का इस्तेमाल कर रहे हैं.
जिनको यह कमीशन पे करना है, उनके देश-विदेश में कई चैनल हैं और दुनिया के बड़े मीडिया मुगल हैं. सो, वह मंत्री जी के चैनल का मार्केटिंग राइट अपने चैनल को दिलाकर धीरे धीरे कमीशन वाली रकम भी मंत्री जी तक पहुंचा देंगे. इस प्रकार सब कुछ नंबर वन में हो जाएगा. कोई नहीं कह सकेगा कि करप्शन हुआ. पर देखना है कि इस मामले के दस्तावेज जिन लोगों के हाथों में हैं, वे इसे सार्वजनिक करके मंत्री जी को मुसीबत में फंसाते हैं या उन्हें आराम से सब रकम हड़प कर ले जाने देते हैं.
कानाफूसी कैटगरी की खबरें सुनी सुनाई बातों पर आधारित होती हैं. इसलिए इस पर भरोसा करने से पहले यह जरूरी है कि पाठक अपने स्तर पर तथ्यों की पुष्टि करें.





