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भड़ास का होगा विस्तार, उत्तर प्रदेश के हर जिले में चाहिए पत्रकार

वेब जर्नलिज्म में इतिहास रचने और लोकप्रियता के शिखर को छूने के बाद भड़ास का विस्तार अब देश के प्रत्येक जिले तक करने की योजना को मूर्त रूप देने का समय आ गया है. भड़ास पर अभी तक किसी पूंजीपति का नियंत्रण नहीं है. इसी कारण यह हर किसी से टकराने और हर किसी की पोल खोलने का माद्दा रखता है. फिलहाल इसे एक छोटी टीम दिल्ली से आपरेट करती है. धन और संसाधन की जगह समर्पण और त्याग की आग से भड़ास का संचालन किया जाता है.

वेब जर्नलिज्म में इतिहास रचने और लोकप्रियता के शिखर को छूने के बाद भड़ास का विस्तार अब देश के प्रत्येक जिले तक करने की योजना को मूर्त रूप देने का समय आ गया है. भड़ास पर अभी तक किसी पूंजीपति का नियंत्रण नहीं है. इसी कारण यह हर किसी से टकराने और हर किसी की पोल खोलने का माद्दा रखता है. फिलहाल इसे एक छोटी टीम दिल्ली से आपरेट करती है. धन और संसाधन की जगह समर्पण और त्याग की आग से भड़ास का संचालन किया जाता है.

इसी कारण प्रत्येक जिले में हम ऐसे पत्रकार को भड़ास से जोड़ना चाहते हैं जिसका पैशन पत्रकारिता हो. वह अपने जिले से रोजाना दो-चार ऐसी खबरें भेजे जिसका राष्ट्रीय महत्व निकलता हो, जिसमें सरोकार हो, जिसमें सत्ता की जड़ता तोड़ना की आग हो, जिसमें सामाजिक बुराइयों से भिड़ने का तेवर हो, जिसमें सकारात्मकता और प्रगतिशीलता हो. प्रत्येक जिले में हम ऐसे पत्रकार को भड़ास से जोड़ना चाहते हैं जो अपनी आजीविका के लिए पत्रकारिता पर डिपेंड न हो ताकि वह आग्रह-दुराग्रह-ब्लैकमेलिंग से मुक्त खबरें लिख सके.

हम ऐसे पत्रकार को भड़ास से जोड़ना चाहते हैं जिसके अंदर राजनीति और समाज को बदलने की आग हो, दिल-दिमाग में आदर्श हो. हम ऐसे पत्रकार को भड़ास से जोड़ना चाहते हैं जो हर हाल में भड़ास के विजन व तेवर के प्रति समर्पित, निष्ठावान हो. भड़ास का कोई हिडेन एजेंडा नहीं है. हम वैचारिक आग्रहों-दुराग्रहों से उपर मानवीयता और मनुष्यता के झंडाबरदार हैं और समाज के उस आखिरी आदमी के प्रति जवाबदेह हैं जिसे सत्ता-सिस्टम-पूंजी की क्रूरता ने हाशिए पर ढकेल रखा है. अगर आपमें है वो माद्दा तो जरूर भड़ास से जुड़ने के लिए चिट्ठी भेजें, मेल के जरिए. भड़ास को मजबूत बनाने के लिए भड़ास को आपकी जरूरत है और पत्रकारिता में नया इतिहास लिखने के लिए देश की पत्रकारिता को भड़ास की जरूरत है. तो आइए इस जरूरतों को एकाकार कर एकसाथ मिलें, आगे बढ़ें और नई व लंबी छलांग लगाएं.

भड़ास से जुड़ने को लेकर कुछ बुनियादी बातें-

-फिलहाल उत्तर प्रदेश में ही भड़ास का विस्तार किया जा रहा है. इसलिए उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले से ही ब्यूरो चीफ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है. दूसरे प्रदेशों से आए आवेदनों को सुरक्षित रख लिया जाएगा लेकिन उन पर तुरंत विचार नहीं किया जाएगा.

-ऐसे पत्रकारों को वरीयता दी जाएगी जो अपने व अपने परिवार के खर्चे के लिए पत्रकारिता पर डिपेंड न करतें हों. उनका मूल व्यवसाय कुछ और होना चाहिए ताकि वह पत्रकारिता में पूरी ईमानदारी से अपना काम कर सकें.

-ऐसे पत्रकारों को वरीयता दी जाएगी जो खुद अपनी खबर लिख पाने और मेल कर पाने में सक्षम हो. जरूरत पड़ने पर वीडियो और आडियो फार्मेट में भी खबरों को मेल/अपलोड कर सकते हों.

-प्रत्येक जिले के लिए चयनित किए गए ब्यूरो चीफ को भड़ास सपोर्ट के लिए शुरुआत में एक बार एकमुश्त दस हजार रुपये की डोनेशन राशि भड़ास के एकाउंट में जमा कराना होगा और उन्हें इसकी रसीद दी जाएगी. यह राशि लौटाई नहीं जाएगी. यह डोनेशन / सहयोग राशि उसी तरह से है जैसे भड़ास अपने पाठकों से आजीवन सदस्यता / सब्सक्रिप्शन के रूप में हजार रुपये देने की अपील करता है.

-प्रत्येक जिले के लिए चयनित पत्रकार को भड़ास की तरफ से कोई मानदेय या वेतन नहीं दिया जाएगा क्योंकि भड़ास आम पत्रकारों द्वारा संचालित पोर्टल है और इसकी आय का कोई सरकारी या गैर-सरकारी जरिया नहीं है. यह आम पत्रकारों, शुभचिंतकों, कुछ संस्थानों के डोनेशन, अपने आप मिल जाने वाले कभी-कभार के शर्त विहीन विज्ञापनों से चलाया जाता है.

-भड़ास के लिए विज्ञापन लाने का किसी भी प्रकार का दबाव किसी ब्यूरो चीफ पर नहीं होगा. वह सिर्फ खबरों के लिए उत्तरदायी होगा. अगर कोई ब्यूरो चीफ खुद ब खुद विज्ञापन देता है तो उसे उस विज्ञापन में से चालीस फीसदी रकम बतौर सहयोग राशि वापस कर दी जाएगी.

-प्रत्येक जिले के ब्यूरो चीफ से यह उम्मीद की जाएगी कि वह खबर भेजने से पहले संबंधित खबर के सभी तथ्यों की अपने लेवल पर पुष्टि कर ले, समर्थन में डाक्यूमेंट व साक्ष्य इकट्ठा कर ले और संबंधित पक्षों से वर्जन ले ले. साथ ही, अपेक्षा रहेगी कि रुटीन की खबरों की बजाय वे बड़ी व सरोकार वाली खबरों को ज्यादा तवज्जो दें.

-चयनित पत्रकार अगर किसी असामाजिक, अवैध और गैर-कानूनी कृत्य में पाए जाते हैं और भड़ास की तरफ से अपने लेवल पर कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हो जाती है तो उन्हें बिना किसी चेतावनी भड़ास से मुक्त कर दिया जाएगा.

-भड़ास की तरफ से जिलों में ब्यूरो चीफ रखने का यह अभियान प्रयोगात्मक है. अगर इस प्रक्रिया से भड़ास की साख और तेवर को नुकसान दिखता है तो कभी भी अभियान को बंद किया जा सकता है.

-चयनित पत्रकारों की की दैनिक रिपोर्टिंग लखनऊ में पदस्थ भड़ास4मीडिया के कंटेंट एडिटर अनिल सिंह को होगी. खबरों के अंतिम चयन, संशोधन और प्रकाशन के लिए भड़ास के कंटेंट एडिटर अनिल सिंह जिम्मेदार होंगे. लखनऊ में पदस्थ अनिल का संपर्क नंबर है: 09984920990

-भड़ास के लिए कार्य करते हुए संभव है कि चयनित पत्रकार को आम पत्रकारों के हित की खातिर धरना प्रदर्शन और आंदोलन के अन्य रास्तों की तरफ भी मुड़ना पड़े. जरूरत पड़ने पर इसके लिए जब आह्वान किया जाएगा तब उसमें शरीक होना पड़ेगा.

-यूपी के प्रत्येक जिले में ब्यूरो चीफ / पत्रकार रखने की यह शुरुआत एक बड़े मकसद हेतु है. आगे चलकर ट्रेड यूनियन से लेकर पोलिटिकल एक्टिविटीज तक में भड़ास से जुड़े लोगों को शरीक होना पड़ता है. इसलिए जुड़ने से पहले यह मान कर चलें कि भड़ास से जुड़ने का सीधा मतलब है… जो घर फूंके आपने चले हमारे साथ…

-अगर आप भड़ास के लिए किसी जिले से ब्यूरो चीफ बनने हेतु आवेदन करते हैं तो यह माना जाएगा कि आप उपरोक्त सभी शर्तों को स्वीकार करते हैं और आपको आगे भी भड़ास के साथ जुड़ाव हेतु बनने वाले नियम स्वीकार होंगे.

-अपना आवेदन अपनी तस्वीर व बायोडाटा के साथ आप मेल के माध्यम से भड़ास तक पहुंचाएं. हमारा पता [email protected] है. सब्जेक्ट में अपने जिले का नाम और भड़ास जिंदाबाद लिखें. उदाहरण के तौर पर – Subject : Ghazipur Bhadas Zindabad

 

यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

दिल्ली

[email protected]

09999330099

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… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

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