दिल्ली-एनसीआर से लगभग दो तीन बरस से निकल रहे हिंदी दैनिक लोकसत्य का प्रकाशन आज से बंद हो जाने की सूचना मिली है. दो महीने से यहां के कर्मियों को तनख्वाह नहीं मिली है. इस अखबार के मालिक राहुल शर्मा सरस और अनूप राय प्रसाद हैं. सूत्रों का कहना है कि अखबार के जरिए मालिकों ने तो अच्छा खासा पैसा बना लिया है लेकिन स्टाफ को सेलरी देने में इन्हें कष्ट होता है. दो महीने से तनख्वाह न मिलने से नाराज कर्मियों ने आज काम बंद करने का ऐलान किया. इस पर मैनेजमेंट ने अखबार ही बंद कर देने की घोषणा कर दी.
यहां काम करने वाले इस बात से परेशान हैं कि दो महीने से वेतन न मिलने के बाद अब अखबार बंद हो जाने से उनके बकाया पैसा का क्या होगा और उनके जीवन की गाड़ी कैसे चलेगी. लोकसत्य अखबार डीएवीपी से एप्रूव्ड है. इसकी लांचिंग जोरशोर से की गई थी. पर किन कारणों से मैनेजमेंट ने इसे बंद कर दिया, यह पता नहीं चल पाया है. अगर प्रबंधन के लोग अपना पक्ष भड़ास के पास भेजते हैं तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा. भड़ास के पास कोई भी बात [email protected] के जरिए पहुंचाया जा सकता है.






