(कानाफूसी) : राशिद हाशमी. इंडिया न्यूज चैनल के हेड हुआ करते थे. कल तक उनके फोनो पर उनके नाम के नीचे चैनल हेड लिखा होता था. आज से वरिष्ठ सहयोगी जाने लगा है. दीपक चौरसिया एंड कंपनी के इंडिया न्यूज आने के बाद इंडिया न्यूज में पहले से काम कर रहे लोगों के अंदर की बेचैनी देखने लायक हैं. सबके सब अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं.
राशिद हाशमी पहले इंडिया न्यूज के यूपी चैनल के हेड हुआ करते थे. दो महीने पहले जब इंडिया न्यूज का नेशनल चैनल रीलांच किया गया तो उन्हें नेशनल का चैनल हेड बना दिया गया और यूपी चैनल का जिम्मा रोहित सांवल को दे दिया गया. राशिद हाशमी काफी समय तक बीमार रहे. फिर से जब वह काम पर आए तो उनका पद वरिष्ठ सहयोगी का कर दिया गया है.
जाहिर है, दीपक चौरसिया और अन्य लोगों के आने के बाद राशिद हाशमी को चैनल हेड के पद से चुपचाप हटा दिया गया. ऐसी ही आशंका रीजनल न्यूज चैनलों के हेड के मन में भी है. इंडिया न्यूज के यूपी चैनल के हेड रोहित सांवल, बिहार झारखंड चैनल के हेड आदर्श झा, हरियाणा के हेड अमित आर्या, राजस्थान के प्रभारी भूपेश श्रोती आदि आशंकित हैं और नई व्यवस्था में अपने अपने संबल तलाशने में जुटे हुए हैं.
सबसे ज्यादा निश्चिंत मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के चैनल हेड राकेश कुमार हैं. मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ चैनल को दीपक चौरसिया की बहन दीप्ति चौरसिया चलाती हैं और वो भोपाल में ब्यूरो चीफ हैं. यहां दिल्ली में चैनल के हेड राकेश कुमार हैं, जो दीपक व दीप्ति की सहमति से बनाए गए हैं. इस कारण वे निश्चिंत हैं क्योंकि उनकी सीधी पहुंच दीपक व उनके अन्य करीबी लोगों तक है. मुश्किल में वे लोग हैं जो दीपक चौरसिया व उनके लोगों से परिचित नहीं हैं, करीबी नहीं हैं. ऐसे लोग दीपक तक पहुंच के लिए लिंक खोज रहे हैं, दीपक के परिचितों को तलाश रहे हैं.





