Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

इलाहाबाद

पहले शाही स्नान में जूना अखाड़े का जलवा दिखा

इलाहाबाद : सोमवार को पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम तट पर शाही स्नान के साथ पर महाकुंभ शुरू हो गया। तीर्थराज के नाम से मशहूर प्रयाग (इलाहाबाद) में चल रहे इस महा आयोजन में परंपरा के हिसाब से सुबह साढ़े पांच बजे सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। अखाड़ों के स्नान का क्रम शाम साढ़े पांच बजे तक चला। इस दौरान 13 अखाड़ों के करीब 3 लाख साधुओं ने स्नान किया। कुंभ मेला प्रशासन के मुताबिक पहले दिन 82 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

इलाहाबाद : सोमवार को पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम तट पर शाही स्नान के साथ पर महाकुंभ शुरू हो गया। तीर्थराज के नाम से मशहूर प्रयाग (इलाहाबाद) में चल रहे इस महा आयोजन में परंपरा के हिसाब से सुबह साढ़े पांच बजे सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। अखाड़ों के स्नान का क्रम शाम साढ़े पांच बजे तक चला। इस दौरान 13 अखाड़ों के करीब 3 लाख साधुओं ने स्नान किया। कुंभ मेला प्रशासन के मुताबिक पहले दिन 82 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ पूरे जोश और शांति से इलाहाबाद में संगम के तट पर अपने रंग में नजर आ रहा है। पहले शाही स्नान पर्व पर अखाड़ों के नागा संन्यासियों, महामंडलेश्वरों, साधु-महात्माओं सहित लाखों आम लोगों ने संगम में डुबकी लगई। आज 4 बजे सुबह से शुरू स्नान पूरे दिन जारी रहेगा। सुबह सबसे पहले 5.45 बजे महानिर्वाणी के साधु-संत पूरे लाव-लश्कर के साथ शाही स्नान को निकले। इस तरह अखाड़ों के स्नान का क्रम शुरू हुआ। सभी अखाड़ों को बारी-बारी से स्नान के लिए चालीस मिनट का समय दिया दिया गया है।

साधु-संतों के साथ आम श्रद्धालुओं भी संगम सहित अलग-अलग घाटों पर स्नान कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच घाटों पर नहाने और पूजा पाठ का सिलसिला जारी है। पारा 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम होने के बाद भी बड़ी तादाद में लोग डुबकी लगा रहे हैं। सुबह साढ़े नौ बजे तक करीब 35 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है।

पुण्य की एक डुबकी की चाहत में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा है। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मेला प्रशासन ने एक करोड़ दस लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है। इसके मद्देनजर सुरक्षा के सख्त इंतजाम भी किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र और इलाहाबाद शहर को कमांडो के घेरे में लिया गया है। हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

महाकुंभ के पर्व पर साधु-संतों के अखाड़ों के शाही स्नान की परंपरा के तहत तीन शाही स्नान होने हैं। पहला शाही स्नान सोमवार को होगा। इसमें तेरह अखाड़ों के करीब तीन लाख साधु शामिल होंगे। मेलाधिकारी मणिप्रसाद मिश्र के मुताबिक सुबह सवा पांच बजे से शाही स्नान का मुहूर्त रखा गया है, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आए हैं। यह विदेशियों के आकर्षण का भी मुख्य केंद्र होता है। इसमें कई विदेशी बाबा व शिष्य भी शामिल होंगे। परंपरा के मुताबिक शाही स्नान में सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के संत उतरेंगे। इसी तरह बारी-बारी से तेरह अखाड़ों के संत शाही स्नान करेंगे। सबसे अंत में निर्मल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। शाही स्नान के लिए सेक्टर चार से लेकर संगम नोज तक विशेष मार्ग बनाया गया है। सैकड़ों पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी शाही स्नान के साथ महाकुंभ की शुरुआत हो जाएगी। मेले में महामंडलेश्वर महेश्वरानंद और पायलट बाबा व अन्य संतों के साथ उनके सैकड़ों विदेशी भक्त भी आए हैं। ये भी महाकुंभ की छटा देखने आए हैं और खुद भी मेले के आकर्षण का केंद्र बने हैं।

सोमवार को पहले शाही स्नान में जूना अखाड़े का जलवा दिख रहा है। 50 हजार संन्यासी, 15 हजार नागा और 50 रथों पर सवार महामंडलेश्वर अखाड़े की शोभा बढ़ा रहे हैं। रविवार की रात्रि तक सभी अखाड़ों के कैंप साधु संतों से भर गए थे। सुबह सवा छह बजे महानिर्वाणी के इष्टदेव के संगम में स्नान के साथ ही शाही स्नान शुरू हो गया। अखाड़े के संत फिर सूर्य प्रकाश और भैरव प्रकाश को स्नान कराए। अखाड़े के सचिव महंत रवीन्द्र पुरी ने बताया कि नागा संन्यासी सबसे आगे रहे। करीब दो सौ नागा रहें। दस साधु संन्यासी शामिल हुए। 40 महामंडलेश्वर शामिल। आचार्य विष्णुदेवानंद जी महराज को स्नान कराने के बाद अखाड़े के सभी साधु संत स्नान किए।
 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...