Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

उत्‍तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री से बड़ा सरकारी डाक्टर!

देहरादून। उत्तराखण्ड में मंत्री से बड़े अधिकारी बेलगाम होकर मंत्रियों के आदेशों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। यह पहला मामला नहीं है कई मामलों में सरकार के मंत्रियों की अधिकारी एक नहीं सुन रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी अधिकारियों की इस चाल से खासे परेशान हैं लेकिन प्रदेश में अधिकारियों की कमी के चलते सीएम का हंटर अभी चलता हुआ नहीं दिख रहा। उत्तराखण्ड में अधिकारियों की एकजुटता सरकार के मंत्रियों को भी कोई काम नहीं करने दे रही।

देहरादून। उत्तराखण्ड में मंत्री से बड़े अधिकारी बेलगाम होकर मंत्रियों के आदेशों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। यह पहला मामला नहीं है कई मामलों में सरकार के मंत्रियों की अधिकारी एक नहीं सुन रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी अधिकारियों की इस चाल से खासे परेशान हैं लेकिन प्रदेश में अधिकारियों की कमी के चलते सीएम का हंटर अभी चलता हुआ नहीं दिख रहा। उत्तराखण्ड में अधिकारियों की एकजुटता सरकार के मंत्रियों को भी कोई काम नहीं करने दे रही।

ताजा मामला उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य महकमे का सामने आया है, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के आदेशों को महानिदेशक स्वास्थ्य द्वारा किस तरह ठेंगा दिखाते हुए नजर अंदाज कर डाला है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल प्रभाव से तबादला आदेश जारी किए थे। इसे अधिकारियों की लाबिंग कहें या फिर मंत्री से बड़ा डाक्टर जिसकी तूती पूरी महकमे में बोलती हुई दिख रही है। गरदपुर में तैनात चिकित्साधिकारी डा. इनायत उल्ला खान कार्यप्रणाली एवं जनता के साथ दुर्व्यवहार के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही थी और इतना ही नहीं बीते कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जब गदरपुर के सरकारी अस्पताल में छापा मारा गया था, तब भी कई अनियमितताएं मौजूद मिली थीं। इसके अलावा यह भी पता चला था कि सरकारी डाक्टर के पद पर रहते हुए डा. खान अस्पताल के बजाए अपने प्राइवेट क्लीनिक में मरीजों को देखते हैं। अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया जाता है, जिसकी शिकायत सीएमओ से उधमसिंहनगर से लेकर डीजी स्वास्थ्य से की गई थी, लेकिन जांच की खाना पूर्ति कर सीएमओ से भी अपने पाले से गेंद को आगे सरका दिया, जबकि बीते कुछ समय पूर्व डा. खान द्वारा अवकाश के दौरान सरकारी आदेश लिखे गए थे।

देहरादून में प्रशिक्षण कार्यक्रम तक में भाग में लिया गया था। इसकी शिकायत गदरपुर अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट विकास ग्वाड़ी द्वारा भी की गई थी। अस्पताल में कई कई अनियमितताओं की तरफ भी इशारा किया गया था, लेकिन बाद में जब सीएमओ उधमसिंहनगर द्वारा फार्मासिस्ट को गदरपुर से तबादला किए जाने की धमकी दी गई तो विकास ने डा. खान से समझौता कर लिया और अधिकारियों को भी यह बताया कि अब अस्पताल में ठीक तरीके से चल रहा है। जबकि इस बात के तमाम सबूत मौजूद हैं कि फार्मासिस्ट विकास द्वारा डा. खान पर आरोप ही नहीं लगाए गए जमीन के एक मामले में लाखों रुपये लिए जाने की खुलासा किया गया था, लेकिन सवाल यह उठ रहा था कि क्या स्वास्थ्य महकमे का एक मंत्री इतना लाचार हो गया है कि उसके आदेशों को स्वास्थ्य महकमे का महानिदेशक भी मानने से इनकार कर रहा है। इससे साबित हो जाता है कि उत्तराखण्ड में कांग्रेस की सरकार के कैबिनेट मंत्रियों की हैसियत अधिकारियों की नजर में कितनी है। जब इस बारे में स्वास्थ्य महकमे के डीजी से उनके दूरभाष नम्‍बर पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कई दिनों तक अपना फोन नहीं उठाया जबकि यह तबादला आदेश 11 दिसम्बर 2012 को जारी किया गया है, जिसमें डा. खान को चमोली या पिथौरागढ़ में तत्काल प्रशासनिक आधार पर करने के आदेश स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र नेगी द्वारा किए गए हैं।

देहरादून से नारायण परगांई की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...