: नवीन जिंदल की कंपनी से जी न्यूज के संपादकों द्वारा कथित सौ करोड़ रुपए की उगाही की कोशिश का मामला : नई दिल्ली । जी न्यूज द्वारा कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल व अन्य के खिलाफ रपट दर्ज करने की मांग वाली एक अर्जी सीबीआई अदालत ने खारिज कर दी। अर्जी में आरोप लगाया गया था कि जिंदल ने कथित उगाही प्रयास मामले की न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैन्डर्डस अथॉरिटी में सुनवायी को कथित रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि अर्जी में उठाए गए बिंदु कानूनी रूप से बहुत कमजोर हैं, ऐसे में किसी तरह की जांच करने का निर्देश देना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश धम्रेश शर्मा ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि कि जिंदल, उनकी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) व उनके विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ जांच हेतु सीबीआई को निर्देश के लिए उठाये गए बिंदु कमजोर हैं। अदालत ने कहा कि अर्जी में लगाए गए आरोप तंग करने वाले और ओछे लगते हैं जिससे साफ है कि उसका एक मात्र उद्देश्य किसी न किसी तरह जांच शुरू कराना है ताकि पक्षकार को परेशानी में डाला जा सके। अदालत ने कहा कि यह साफ तौर पर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत दायर शिकायती मामले में जी न्यूज की तरफ से आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल ने एनबीएसए के अध्यक्ष जेएस वर्मा(पूर्व मुख्य न्यायाधीश) से संपर्क कर सुनवाई को प्रभावित करने की कोशिश की थी जो कि उनके समक्ष लंबित था।
अदालत ने कहा कि कंपनी के खिलाफ बिना आधार के कोई मामला नहीं बनता है। टीवी चैनल का आरोप था कि जिंदल ने इस मामले में टेलीफोन द्वारा संपर्क कर अपनी सांसद के पद का दुरुपयोग किया। इस मामले में आरोप है कि जी न्यूज के दो संपादकों द्वारा जिंदल व उनकी कंपनी से सौ करोड़ रुपए उगाही का प्रयास किया गया। जानकारी हो कि जी न्यूज के वरिष्ठ संपादक सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया को कथित उगाही की कोशिश के मामले में गत वर्ष 27 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ नवीन जिंदल की कंपनी ने रपट दर्ज करायी थी। 20 दिन से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद दोनों वरिष्ठ संपादकों को अदालत से जमानत मिल गई थी। इस मामले में दोनों संपादकों ने नवीन जिंदल व अन्य के खिलाफ अलग से भी मामला दायर कर रखा है।
जी-जिंदल प्रकरण की सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-





