देवरिया। जिले के कोतवाली थाने के कोतवाल सूरज पाल सिंह को मीडिया के लोगों से इस बात की शिकायत है कि कोतवाली थाने में आए किसी भी शिकायतकर्ता अथवा फरियादी से मीडिया के लोग बिना कोतवाल की अनुमति के ही सीधे बात करने लगते हैं तथा चैनल वाले उसकी रिकार्डिंग करने लगते हैं। शुक्रवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे इसी बात पर कोतवाल तथा पत्रकारों के बीच जमकर वाद विवाद हो गया। पत्रकारों एवं कोतवाल ने एक दूसरे को देख लेने धमकी दी है।
बाद में अन्य लोगों के बीच बचाव से मामला शान्त हुआ। सबसे मजेदार बात यह रही कि यह सब हुआ समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता के सामने। लेकिन नेताजी ने किसी तरह का हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा। बहरहाल मामला ऊपर तक जाने की प्रबल सम्भावना दिख रही है। विवाद की वजह यह रही कि शहर के मालवीय रोड स्थित एक स्वर्णकार ने दो महिलाओं को पकड़ कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया था। देखने में दोनों महिलाएं किसी सभ्य परिवार की लग रही थी। लेकिन स्वर्णकार का आरोप था कि दोनों महिलाएं उसकी दुकान पर आकर सोने का नकली जेवर बेचने का प्रयास कर रही थी। इसके पहले भी वह नकली जेवर बेचकर स्वर्णकार को चूना लगा चुकी थीं।
शुक्रवार को जब वे महिलाएं दुबारा उसकी दुकान पर आईं तो दुकानदार ने महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई हेतु पुलिस से शिकायत की। कोतवाली थाने के एक नये दरोगा जी स्वर्णकारों का ही सुन रहे थे और महिलाओं को जेल भेजने की तैयारी कर रहे थे। जब दोनों महिलाएं कोतवाली में बैठे रो रही थी तो उसी समय कुछ पत्रकार वहां पहुंच गए और रोने का कारण पूछा। महिलाओं के अनुसार वे अपना कुछ जेवर बेचने के लिए स्वर्णकार के यहां गई थी। लेकिन स्वर्णकार ने नकली जेवर का आरोप लगाते हुए दोनों महिलाओं को जमकर मारा पीटा तथा उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की और इज्जत लूटने का प्रयास किया।
इलेक्ट्रानिक मीडिया के कुछ पत्रकार महिलाओं का बाईट ले रहे थे कि उसी समय संयोगवश कोतवाल सूरज पाल सिंह आ धमके। शुरुआत में उन्होंने कोई खास विरोध नहीं किया लेकिन जब कुछ पत्रकार महिलाओं के सम्बन्ध में कोतवाल का भी वर्जन लेने का प्रयास किया तो कोतवाल एकदम से भड़क गए और पत्रकारों को उल्टा सीधा कहने लगे। करीब आधे घण्टे तक कोतवाली में पत्रकारों और कोतवाल के मध्य वाद विवाद होता रहा और लोग तमाशा देखते रहे। बाद में कोतवाली थाने की पुलिस ने दोनों महिलाओं को जीप बिठाकर महिला थाना भेज दिया।
इसके बाद कोतवाल ने पत्रकारों को सबक सिखाने की धमकी भी दे डाली। घटना के बारे में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से वार्ता करने की कोशिश की लेकिन जब पुलिस अधीक्षक का मोबाइन नहीं उठा तो पत्रकारों ने उनके पीआरओ से कोतवाल की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल के इस व्यवहार से पत्रकारों में काफी रोष व्याप्त है।





