: नीरा राडिया टेप में नाम आने के बाद एचटी ने बंद कर दिया था कॉलम : एक साल पहले राजनीतिज्ञ-बिजनेसमैन-मीडिया के गठजोड़ को लेकर तहलका मचाने वाला नीरा राडिया का टेप धीरे धीरे लोगों के जेहन से उतरता जा रहा है. लाबिइस्ट राडिया ने अपनी दुकानदारी बंद करने का ऐलान किया है, गिरफ्तार कनिमोझी जेल से बाहर आ चुकी हैं, कई कारपोरेट अधिकारियों को जमानत मिल गई है. सरकार घोटाले की राशि को लेकर परेशान है. सीबीआई भी केस को लेकर जांच किए जा रही है.
इस बीच टेप प्रकरण में कुख्यात हुए हिंदुस्तान टाइम्स के पूर्व संपादक वीर सांघवी भी लोगों की यादाश्त की कमजोरी का फायदा उठाते हुए अपना साप्ताहिक कॉलम काउंटरप्वाइंट लिखने को तैयार हैं, जिसे राडिया टेप में नाम आने के बाद बंद कर दिया गया था. सांघवी ने तहलका मैगजीन से बात करते हुए इसका खुलासा किया है कि वे जल्द से फिर अपना कॉलम शुरू करने वाले हैं. उल्लेखनीय है कि नीरा राडिया टेप में नाम आने के बाद एचटी प्रबंधन ने वीर सांघवी, जो उस वक्त एडवाजरी एडिटोरियल डाइरेक्टर थे, को डिमोट करते हुए सलाहकार बना दिया था तथा उनका साप्ताहिक कॉलम काउंटरप्वाइंट भी बंद कर दिया था.
तहलका मैगजीन के रेवती लौल को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि अब वो दोषमुक्त हैं. इसके पहले भी आउटलुक तथा एनडीटीवी के एक प्रोग्राम में सांघवी कह चुके हैं कि फोरेंसिंक जांच में उनकी आवाज फर्जी बताई गई है. नीचे देखिए तहलका में छपे इंटरव्यू का कुछ भाग.
– Why did you feel the need to withdraw the column and from political journalism?
— Because the allegation was that I was hand-in- glove with the Congress and that I was willing to offer Counterpoint to industrialists who wanted me to write things about them. These were damaging allegations. There are two ways to react to it. One is to say they are fake and I will ignore them. Or there’s my way. Which is to say they are fake and until I can prove they are fake, I will not do anything because I think it’s only reasonable that I go away and prove my innocence. I took the second approach.
– Are you going to revive the column?
— Yeah. Once I finish shooting the two television shows I’m working on.





