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अमर उजाला ने अतुल बरतरिया को बिहार ब्‍यूरो का हेड बनाया

अमर उजाला, देहरादून से खबर है कि अतुल बरतरिया को बिहार का ब्‍यूरो हेड बनाकर पटना भेज दिया है. वे पटना ब्‍यूरो की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. अतुल डेढ़ दशक से ज्‍यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 1996 में अमर उजाला, कुमांऊ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अतुल 2005 तक इस अखबार से जुड़े रहे. यहां से इस्‍तीफा देकर वे दैनिक जागरण चले गए. वहां वे स्‍टेट ब्‍यूरो हेड के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी निभाते रहे. 2001 में वे दुबारा डीएनई बनकर अमर उजाला वापस लौट आए थे.

अमर उजाला, देहरादून से खबर है कि अतुल बरतरिया को बिहार का ब्‍यूरो हेड बनाकर पटना भेज दिया है. वे पटना ब्‍यूरो की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. अतुल डेढ़ दशक से ज्‍यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 1996 में अमर उजाला, कुमांऊ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अतुल 2005 तक इस अखबार से जुड़े रहे. यहां से इस्‍तीफा देकर वे दैनिक जागरण चले गए. वहां वे स्‍टेट ब्‍यूरो हेड के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी निभाते रहे. 2001 में वे दुबारा डीएनई बनकर अमर उजाला वापस लौट आए थे.

प्रबंधन ने उन्‍हें पटना भेजा है ताकि बिहार की बड़ी खबरें भी अखबार में प्रकाशित की जा सके, क्‍योंकि बिहार का एक बड़ा वर्ग यूपी समेत तमाम राज्‍यों में निवास करता है. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कह रहे हैं कि प्रबंधन अतुल बरतरिया को किनारे लगाने की रणनीति के तहत पटना भेजा है, ताकि वे खुद इस्‍तीफा दे दें या फिर बिना काम के वहां पड़े रहें. सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला प्रबंधन निकट भविष्‍य में बिहार में अपना विस्‍तार भी नहीं करने जा रहा है, जिससे लगे कि उन्‍हें महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी देकर भेजा गया है.

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