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एक पत्र वासिंद्र मिश्र के पक्ष में

लखनऊ में विभिन्न अखबारों-चैनलों के लिए लंबे समय तक पत्रकारिता करने के बाद इन दिनों जी न्यूज यूपी उत्तराखंड के हेड के रूप में कार्यरत वासिंद्र मिश्र गाहे-बगाहे चर्चा में आया करते हैं. और सारी चर्चाएं उनके खिलाफ होती हैं. उनके व्यवहार को लेकर, उनकी कार्यशैली को लेकर, उनके रहन-सहन को लेकर, उनकी संपत्ति और मानसिकता को लेकर. पर भड़ास4मीडिया को एक ऐसा पत्र मिला है जिसमें वासिंद्र की खुलकर तारीफ की गई है.

लखनऊ में विभिन्न अखबारों-चैनलों के लिए लंबे समय तक पत्रकारिता करने के बाद इन दिनों जी न्यूज यूपी उत्तराखंड के हेड के रूप में कार्यरत वासिंद्र मिश्र गाहे-बगाहे चर्चा में आया करते हैं. और सारी चर्चाएं उनके खिलाफ होती हैं. उनके व्यवहार को लेकर, उनकी कार्यशैली को लेकर, उनके रहन-सहन को लेकर, उनकी संपत्ति और मानसिकता को लेकर. पर भड़ास4मीडिया को एक ऐसा पत्र मिला है जिसमें वासिंद्र की खुलकर तारीफ की गई है.

भड़ास हमेशा से इस बात का पक्षधर रहा है कि कोई आदमी कभी कंप्लीट नहीं होता और हर आरोप का दूसरा पहलू भी होता है. इसलिए, कभी भी अपोजिट आइडियाज को, विरोधी विचार को सेंसर नहीं किया जाना चाहिए. हर एंगल से आ रही बात को स्थान मिलना चाहिए तभी भड़ास मुकम्मल रूप लेकर मुकाम तक पहुंचता है. वासिंद्र के पक्ष में आई इस चिट्ठी को बिना संपादित किए, हूबहू प्रकाशित किया जा रहा है. -यशवंत, भड़ास4मीडिया

from Aryan garg [email protected]

to   Bhadas [email protected]

date   Thu, Dec 1, 2011 at 8:24 PM

subject   जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश की टीआरपी गिराने के लिए हो रहे हैं वासिन्द्र पर साजिशन हमले

Zee News Uttar Pradesh Ki TRP Girane Ke Liye Ho Rahe Hain Vasindra Par Sajishan Hamale

जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश की टीआरपी गिराने के लिए हो रहे हैं वासिन्द्र पर साजिशन हमले

काफी अरसे से इस ब्लाग में जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश के संपादक श्री वासिन्द्र मिश्र के बारे में अनर्गल प्रलाप छप रहा है. तथाकथित पीडित उनके खिलाफ अपनी टिप्पणियाँ दर्ज करा रहे है लेकिन सहनशील और साधु स्वभाव का परिचय देते हुए वासिन्द्र जी ने कभी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की. मुझे आश्चर्य होता है जब वासिन्द्र जी पर आरोप लगते है कि वे गालियों के बिना बात नही करते है. मै इन आरोपों पर चुनौती देता हूँ कि कोई भी उनके संवादों को चुपचाप रिकार्ड करें और बतौर सबूत पेश करे. उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश में चारित्रिक हमले भी किए जा रहे है.

परन्तु वासिन्द्र जी को नजदीक़ से जानने वालों का कहना है कि उन्होंने हमेशा कर्मठ लोगों को प्रमोट किया है, ऐसे में नकारा लोगों की फौज उनके विरोध में खडी हो जाए और अनर्गल आरोप लगाने लगे तो कोई आश्चर्य की बात नही है. यहाँ एक और भी बात बहुत महत्वपूर्ण है जिस तरह जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश ने कम समय में अपने पुराने महारथी प्रतिद्वन्दियों को मात दी है और लगातार सफलता के पायदान पर चढ़ना शुरु किया, इससे संपादक वासिन्द्र कईयों की आखँ की किरकिरी बन गए. हालात यहाँ तक बदतर हुए कि उनके विरोधी ओझी राजनीति पर उतर आए और ऐसे आरोप लगाने लगे जिसका एक भी प्रमाण वे नहीं दे सकते.

आरोप लगाने वाले कहते है कि वासिन्द्र जी द्वारा बीएसपी की खबरें सेंसर की जाती है. ऐसे आरोपी कृप्या ‘अब जनता की बारी’ कार्यक्रम देखें, इसमें सरकार के कामकाज़ की हर क्षेत्र में ईमानदारीपूर्ण विवेचना की जा रही है.ब्लाग में लगातार लिखा गया है कि वासिन्द्र जी दिखास और छपास रोग के शिकार हो गए है, शायद आरोपियों का इशारा कार्यक्रम ‘सियासत की बात-वासिन्द्र के साथ’ की तरफ है लेकिन न्यूज़ चैनलों के संपादकों द्वारा खा़स साक्षात्कार स्वयं करने की परम्परा रही है. प्रभु चावला, राजीव शुक्ला, रजत शर्मा आदि इसके उदाहरण है.

ऐसे में अपने चैनल को एक अच्छा कार्यक्रम देने के लिए वासिन्द्र मिश्र की आलोचना क्यों. क्या केवल इसलिए कि वे सीधे और सपाट ढंग से अपने प्रश्न रखते है, कईयों कि तरह लटके झटके दिखाकर सवाल नही करते, सामने वाले के उत्तर सुनने के बजाय अपने सवालों का बेहुदा बांउसर नही मारते. मेरी यह टिप्पणियाँ संपादक की चापलूसी में नही लिखी जा रही है, मेरा स्वभाव ऐसा नहीं है लेकिन मुझे ऐसे संकेत मिल रहे है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले वासिन्द्र जी पर घटिया आरोप लगा कर उन्हें मानसिक तौर पर तोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि आखिरकार इसका विपरीत असर जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश की टीआरपी पर पड़े जो कि इस समय क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों का सिरमौर बना हुआ है.

(कानाफूसी)

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