सैफई (इटावा) : एक लाख रुपये रिश्वत लेकर मुकदमा खत्म करने वाले दरोगा के खिलाफ एसएसपी राजेश मोडक के आदेश पर थाना सैफई में वादी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा लिखाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश मोडक के निर्देश पर थाना सैफई पुलिस ने अपने ही थाने के निलम्बित एसआई अशोक कुमार सिंह के विरूद्ध धारा 7/13(1) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे के वादी मिथलेश कुमार पुत्र श्री पाल सिंह निवासी चौबेपुर, थाना सैफई ने बताया कि मेरे विरूद्ध औषधि निरीक्षक द्वारा 13 दिसम्बर 2011 को मुअस 117/11 धारा 420 दर्ज कराया गया था, जिसमे मुझे बसपा नेताओं के दबाव मे फॅसाया गया।
मिथलेश का कहना है कि यह बात विवेचक अशोक कुमार सिंह को बतायी तो उन्होंने कहा कि इस मुकदमे में आपको उम्र कैद हो सकती है। अगर दो लाख रुपये दो तो आपका मुकदमा खत्म कर दूंगा। तो मैंने अपनी मोटर साइकिल व पत्नी के जेवर बेचकर दरोगा अशोक कुमार सिंह को एक लाख रुपये दे दिये, लेकिन इतनी रकम से दरोगा का पेट नहीं भरा तो उसने एक लाख रुपये और मॉगे और कहा कि अगर एक लाख का इन्तजाम नहीं है तो पचास हजार ही दे दो, बाकी बाद मे दे देना। इस प्रकरण को मैंने मुख्यमंत्री को सैफई आने पर बताया। पुलिस को दिये प्रार्थना पत्र में मिथलेश कुमार ने मॉग की कि दरोगा द्वारा लिये गये मेरे एक लाख रुपये दिलाये जायें। थानाध्यक्ष सैफई संजय सिंह यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी सैफई अरूण कुमार दीक्षित द्वारा की जायेगी।
सैफई से सुघर सिंह की रिपोर्ट.





