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माधवकांत उर्फ मार्तंडपुरी बने महामंडलेश्वर

पत्रकारिता-जगत से संन्यास-जगत में दाखिल होने वाले माधवकांत मिश्र अब महामंडेलश्वर स्वामी मार्तण्ड पुरी महाराज बन गये हैं। उन्हें श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के शिविर में शुक्रवार को महामंडलेश्वर पद से विभूषित किया गया। निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विश्वदेवानंद जी के सानिध्य में आयोजित भव्य समारोह में मार्तण्ड पुरी जी का विधि-विधान से पट्टाभिषेक किया गया। इस मौके पर भारी तादाद में मौजूद महामंडलेश्वरों, श्री महंतों, आचायरे और संत महापुरुषों ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

पत्रकारिता-जगत से संन्यास-जगत में दाखिल होने वाले माधवकांत मिश्र अब महामंडेलश्वर स्वामी मार्तण्ड पुरी महाराज बन गये हैं। उन्हें श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के शिविर में शुक्रवार को महामंडलेश्वर पद से विभूषित किया गया। निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विश्वदेवानंद जी के सानिध्य में आयोजित भव्य समारोह में मार्तण्ड पुरी जी का विधि-विधान से पट्टाभिषेक किया गया। इस मौके पर भारी तादाद में मौजूद महामंडलेश्वरों, श्री महंतों, आचायरे और संत महापुरुषों ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

तीर्थराज प्रयाग के दारागंज में जन्मे माधवकांत मिश्र के पिताश्री स्वर्गीय जयदेव मिश्र स्वयं शाक्त परम्परा के प्रसिद्ध साधक थे। माधवकांत को बचपन से ही परमपूज्य देवरहा बाबा, सच्चा बाबा, प्रभुदत्त ब्रह्मचारी सहित अनेक संत-महापुरुषों का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने पत्रकारिता का जीवन भी प्रयाग के हिन्दी दैनिक भारत से वर्ष 1968 से प्रारम्भ किया और ˜सूर्या इंडिया पत्रिका, स्वतंत्र भारत ,राष्ट्रीय सहारा, कुबेर टाइम्स, विश्व मानव, ,पाटलिपुत्र टाइम्स, सहित अनेक पत्र- पत्रिकाओं के संस्थापक एवं सम्पादक रहे।

भारत का प्रथम अध्यात्मिक चैनल आस्था माधवकांत मिश्र ने ही प्रारम्भ किया और प्रज्ञा , सनातन, और दिशा, चैनलों के भी संस्थापक रहे। कई साल पहले उन्होंने पहली बार पूरे देश में साक्षात शिव स्वरूप रुद्राक्ष के पौधे का रोपण प्रारम्भ किया। लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड ने इस अभियान को दर्ज किया और वर्ष 2013 के नेशनल रिकार्ड होल्डर के रूप में इनका नाम दर्ज किया। वह पिछले साल 29 अक्टूबर को कनखल, हरिद्वार में श्री यंत्र मंदिर में आचार्य महामंडलेश्वर विश्वदेवानंद जी से दीक्षा ग्रहण संन्यासी हो गये और अपना जीवन सनातन सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके साथ शुक्रवार को स्वामी जयकिशन गिरि महाराज को भी महामंडलेश्वर पद से विभूषित किया गया।

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