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आजमगढ़

शहीदी दिवस पर नेताजी के सहयोगी निजामुद्दीन को कुलपति ने किया सम्मानित

आज़मगढ़। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने शहीदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे आजाद हिन्द फ़ौज के कर्नल निजामुद्दीन को उनके गाँव ढकवा मे सम्मान पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने कहा कि आज मैं अपने को भाग्यशाली समझता हूँ कि नेता जी से जुड़े व्यक्ति के साथ बैठने और संवाद करने का मौका मिला। आज का दिन देश के प्रति समर्पित लोगों को याद करने का दिन हैं। सुभाष चन्द्र बोस और उनसे जुड़े लोगों को मन से चाहने वालों की संख्या हमारे देश मे कम नहीं हैं।

आज़मगढ़। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने शहीदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे आजाद हिन्द फ़ौज के कर्नल निजामुद्दीन को उनके गाँव ढकवा मे सम्मान पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने कहा कि आज मैं अपने को भाग्यशाली समझता हूँ कि नेता जी से जुड़े व्यक्ति के साथ बैठने और संवाद करने का मौका मिला। आज का दिन देश के प्रति समर्पित लोगों को याद करने का दिन हैं। सुभाष चन्द्र बोस और उनसे जुड़े लोगों को मन से चाहने वालों की संख्या हमारे देश मे कम नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि आज निजामुद्दीन जैसे लोगों की देन से ही हम अपने को स्वतंत्र कहते हैं। इन्होंने जिस समर्पण के साथ देश की सेवा की वह अमूल्य है। विश्वविद्यालय परिसर मे नेता जी मूर्ति स्थापित कर उनको याद किया है और छात्रों को उनके व्यक्तित्व से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एक ऐसी योजना बनाई है, जिसमें 1857 के शहीदों को नमन किया जायेगा। जल्द ही परिसर के मार्गों का नाम गुमनाम शहीदों के नाम से जाना जायेगा।

सम्मानित होने के पश्चात् निजामुद्दीन ने कहा कि अगर नेता जी होते तो देश का बंटवारा नहीं होता। आज सोचता हूँ कि क्या खोया क्या पाया पता नहीं। उन्होंने कहा कि पता चलता हैं कि आज लोग काम के लिए घूस मांगते हैं। कितना दुखद है इसलिए आजादी नहीं मिली थी। इसके बाद उनकी आंखें नम हो गई। रविन्द्र राय ने कहा कि निजामुद्दीन हमारे लिए प्रेरणा श्रोत हैं और जनपद के लिए गर्व हैं। उन्होंने कहा कि कागजों की लड़ाई में भले उनको पेंशन न मिली हो लेकिन उनकी गाथा इस देश की माटी में छिपी है।

सम्मान समारोह के पहले कुलपति निजामुद्दीन के घर जाकर मिले। उनके पुत्र अकरम ने अपने पिता की बातों को बताया। सम्मान समारोह में कुलपति सुन्दर लाल ने सम्मान पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। पूर्वांचल परिसर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार, कार्यक्रम समन्यवयक डॉ. हसीन खान, अध्यक्ष जनसंपर्क डॉ. मनोज मिश्र साथ रहे। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविकाओं ने स्वागत गीत एवं देश भक्ति गानों की प्रस्तुति की। इस अवसर पर डॉ. दुर्गा अस्थाना, डॉ. कौशलेन्द्र मिश्र, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, मन्नान, सल्लू, दिवाकर सिंह, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, अमरेन्द्र सिंह, विकास वर्मा, शैलेश यादव, ध्रुव मिश्र, अनिल चतुर्वेदी, रमेश सिंह, खुर्रम नोमानी समेत तमाम स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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