ब्रिटेन के पीयर्सन के स्वामित्व वाले फाइनेंसियल टाइम्स और भारत की बेनेट कोलमैन एंड कंपनी की टाइम्स पब्लिशिंग हाउस के बीच फाइलेंसियल टाइम्स के टाइटल विवाद की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. बीसीसीएल और एफटी के बीच 1993 से ही यह विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है.
सन 2001 में एफटी ने बेनेट कोलमैन के खिलाफ केस दायर करके आरोप लगाया था कि उसने द इकोनॉमिक्स टाइम्स के साथ एफटी को सप्लीमेंट के तौर पर प्रकाशित किया, जो भारत में फाइनेंसियल ट्रेडमार्क का उल्लंघन है. इसी मामले में आज कोर्ट में सुनवाई होनी है. आरएनआई में भी टाइम्स पब्लिशिंग हाउस ने 1991 में दिल्ली से फाइनेंशियल टाइम्स टाइटल का रजिस्ट्रेशन करवाया था.
दूसरी तरफ लम्बे समय से अपने अपने संस्थानों में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों का इंतजार कर रहे पत्रकार तथा गैर पत्रकारों के लिए मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण है. लम्बे समय से टलते आ रहे वेज बोर्ड की सिफारिश लागू करने के मामले में कल सुप्रीम कोर्ट में फाइनल सुनवाई होनी है. आनंद बाजार पत्रिका बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के बीच चल रहे इस मामले में 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाना था, परन्तु अखबार के अधिवक्ताओं के आग्रह पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 5 फरवरी तक बढ़ा दी थी.
उल्लेखनीय है कि बीते साल 21 सितंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आठ जनवरी की तिथि तय की थी. कोर्ट ने प्रबंधन को कर्मचारियों को अंतरिम व्यवस्था के रूप में अतिरिक्त भुगतान करने पर विचार का सुझाव भी दिया था. परन्तु प्रबंधकों ने ऐसा नहीं किया. सरकार ने मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों के बारे में 11 नवंबर, 2011 को अधिसूचना जारी की थी. जिसके बाद एबीपी समूह, राजस्थान पत्रिका समेत कई संस्थानों ने इन सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है.





