सुनीता भास्कर : हमारी पीढ़ी के पत्रकारीय गुरु राजेन टोडरिया का दिल का दौरा पड़ने से असमय निधन.. पैनी धार के पत्रकार उत्तराखंड की पाक्षिक पत्रिका जनपक्ष आजकल को एक दौर में गढ़वाल में अमर उजाला से भी अधिक रीडरशिप तक पहुंचाने वाला यह योद्धा, उत्तराखंडी जन के हकों के लिए दहाड़ें मारकर लड़ने वाला यह स्तम्भ …रसूल हमजातोव के दागिस्तान सा गर्वीला उत्तराखंड बनाने वाला यह शिल्पी.. पहाड़ियों के डीएनए में संघर्ष की ज्वाला जगाने वाला यह असाधारण योद्धा आंदोलनरत छोड़ उत्तराखंड को चुपचाप चल लिया …..उत्तराखंड के पत्रकार, राजनीतिज्ञ सामाजिक लोग सकते में हैं आज,, सदमे मैं हैं…..उत्तराखंड आज खुद को अनाथ महसूस कर रहा…….

राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' : दुखद समाचार ……पत्रकारिता के धरातल पर अपनी अमित छाप को जीवित रखते हुए श्री राजेन टोडरिया जी के रूप में आज उत्तराखंड की पत्रकारिता परिषद महान क्षति पंहुची है महान पत्रकार श्री राजेन टोडरिया जी भाव भीनी श्रधांजलि ! ईश्वर उनके परिवार को इस दुःख से उबरने की शक्ति प्रदान करे और इस महान आत्मा को शांति दे !!!!!!!!!
Mandoli Pankaj कुछ दिन पहले टोडरिया जी से बात हुयी थी तो उन्होंने कहा था कि बहुगुणा सरकार में विरोधी खबरों पर सूचना विभाग का पहरा है। प्रेस की आजादी खतरे में है…. ऐसे में तुम लोग पत्रकारिता को नई दिशा देने का कार्य करो… अब हमारे दिन कहां रह गये, पर हम लड़ते रहे हैं और रहेंगे….. आज उनके निधन की खबर ने मन को बहुत दुख पहुंचाया……स्व. टोडरिया जी को लाल सलाम.
उत्तराखंड की पत्रकार सुनीता भास्कर के फेसबुक वॉल से.






