Shahnawaz Malik : गुजरात दंगों के दौरान स्टिंग ऑपरेशन करने वाले तहलका के पत्रकार आशीष खेतान गवाही के दौरान मुकर गए।

अहम् अजातशत्रु : एक पत्रकार जब ख़बरों से बाहर होता है नपुंसक होता है |
Salman Rizvi : what………
Marinder Mishra : ये तो होना ही था..
Shahnawaz Malik : आशीष ने स्टिंग आॉपरेशन तहलका में रहते हुए किया था, फिलहाल तहलका में काम नहीं कर रहे
Devdatt Mishra : phir to mukarna unki majburi hoo gai hogi
Ashish Bhardwaz : ये कब हुआ?
Syed Mohammad Altamash Jalal : ये गाँधी और 'विद्यार्थी' जी वाला ज़माना नहीं रहा जहा जान से जादा जुबां की एहमियत होती थी | आज का वक़्त तो बिलकुल विपरीत है |
Salman Rizvi : मैं मजबूरियां समझता हूँ पत्रकारिता की…..
लेकिन शाहनवाज़ भाई ये नौकरी से ऊपर की बात है…..
उस इंसान की पहचान है वो स्टिंग आपरेशन…..
योगेश शर्मा श्रोत्रिय : MERE VICHAR SE UNHONE SAHI KIYA
Shahnawaz Malik : Ashish Bhardwaz परसों उनकी अहमदाबाद में गवाही थी। उन्होंने कहा कि अब कुछ याद नहीं
Marinder Mishra : कुछ तो मजबूरियां रही होंगी ,यूँ ही कोई बेवफा नहीं होता …
Shahid Naqvi : एक पत्रकार की तमाम दिक्कतेँ होती हैँ।हर पत्रकार के लिए नौकरी परोसी नही रहती है ।लेकिन अगर वह हिम्मत से काम लेते तो बेहतर होता ।
Ashish Bhardwaz : माने इतिहास में उनका नाम ऐसे जायेगा: "शुरुआत में बड़े शार्प पत्रकार थे. बाद में वो सब कुछ भूलते गए!"
Shahnawaz Malik : Marinder Mishra साहेब पैदाइशी बेवफा भी होते हैं।
Sachin Yaduvansh : kabhi kabi insani jan ki kimat imaan se jayda hoti hai…..filhal ashish wahi kar rahe hai..
Saroj Kumar : कोई मजबूरी नहीं होती…निंदनीय…
Anushka Bhartiya : bas ye hi hona baaki tha!
Pavan Kumar Parashar : accha kiya mukar gye
vo patrkar bhut hi accha insan h….modi ji great……
Marinder Mishra : बिना आशीष खेतान का पक्ष जाने कुछ कहना मुश्किल हैं…उस समय गवाही देकर चर्चित हुए और आज मुकर कर !!! समय बलवान होता है.
Pavan Kumar Parashar : mukare ya ni mukre …lelin aacha hi hua h…
Sheeba Aslam Fehmi waqai : ????
Pavan Kumar Parashar : saroj kumar..abhi training khtm to kr le..majburi k b pta chal jayega
Shahnawaz Malik Sheeba : Aslam Fehmi फोटो लगा दी है ऊपर देखिए
Ankit Francis : Ashish इतिहास इस आशीष को भुला देगा..याद भी किया जायेगा तो ऐसे- वह जो जिसकी वजह से जाना गया खुद वही भूल गया..
Saroj Kumar : पवन पराशर, मेरी ट्रेनिंग की चिंता आप क्यों कर रहे हैं…
Pavan Kumar Parashar : are bhai sahb hm kyu krne lge….kati chinta ni kr re sab…..





