साईं प्रसाद मीडिया समूह के अखबार हमवतन की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. खबर है कि प्रबंधन ने इसके खर्च में कटौती करनी शुरू कर दी है. इसके लिए तमाम लोगों का स्थानांतरण किया जा रहा है ताकि वे खुद छोड़ दें. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने अखबार की लांचिंग के समय से जुड़े लगभग डेढ़ दर्जन लोगों का तबादला इधर से उधर कर दिया है. संभावना जताई जा रही है कि इसमें से ज्यादातर लोग अखबार को अलविदा कह देंगे.
सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन अब अखबार पर खर्च नहीं करना चाहता है. संभावना है कि लगातार घाटे में चल रहे इस अखबार को इस वित्तीय वर्ष के बाद बंद भी किया जा सकता है. हालांकि अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है. कंपनी ने जिन लोगों का तबादला किया है उनमें कई लोगों के नामों की जानकारी नहीं मिल पाई है, पर बताया जा रहा है कि यह सभी विभागों को मिलाकर लगभग डेढ़ दर्जन के आसपास है.
इसकी शुरुआत गोरखपुर में विशेष संवाददाता आनंद सिंह से हुई है. आनंद सिंह का तबादला कोलकाता कर दिया गया है. आनंद सिंह ने पूर्वांचल में अखबार को एक पहचान दिलाई थी. खबरों से लेकर राजस्व में भी उन्होंने एक अखबार के लिए एक मुकाम बनाया था. उनके साथ ही नोएडा में सर्कुलेशन विभाग में तैनात दशरथ सिंह का तबादला रांची के लिए कर दिया गया. विज्ञापन में तैनात प्रथम झा का तबादला जयपुर के लिए किया गया है. इंदौर में तैनात ब्यूरोचीफ पृथ्वीराज जगने को जबलपुर भेज दिया गया है.
इसी तरह गोंडा में तैनात भैरव मिश्रा को लखनऊ भेज दिया गया है. इलाहाबाद में तैनात रितेश श्रीवास्तव को भी लखनऊ भेज दिया गया है. सर्कुलेशन में तैनात चेतन कुमार का तबादला भागलपुर के लिए कर दिया गया है. अखबार में पॉलिटिकल एडिटर के रूप में तैनात अखिलेश अखिल का भी तबादला प्रबंधन ने भागलपुर के लिए कर दिया था, परन्तु आखिरी समय में उनका तबादला निरस्त करते हुए उन्हें न्यूज चैनल में भेज दिया गया. इसके अलावा भी कई लोगों के तबादले हुए हैं, जिनका नाम नहीं पता चल पाया है.
बताया जा रहा है कि ये सारे तबादले भवानी सिंह राठौर के निर्देशन में किए गए हैं. माना जा रहा है कि प्रबंधन ने सारे तबादले इसलिए किए हैं कि ये लोग अपना इस्तीफा सौंप दें. क्योंकि सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन इन लोगों को ट्रांसफर एलाउंस भी देने को तैयार नहीं है. वैसे भी प्रबंधन ने अखबार के पेजों की संख्या पहले ही 48 से घटाकर 40 कर दिया है. अखबार में विज्ञापन तो बहुत मिले लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनकी रिकवरी शून्य है. अखबार का मूल्य भी छह से बढ़ाकर दस रुपये कर दिए जाने से इसके सर्कुलेशन पर प्रभाव पड़ा है. अब देखना है कि प्रबंधन इस अखबार के भविष्य को लेकर क्या निर्णय लेता है.






